इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान केरल के युवा एआई इनोवेटर राउल जॉन अजु ने अपने एआई इनोवेशन, अनुभव और दृष्टिकोण से दर्शकों को प्रभावित किया। उन्होंने जिम्मेदार एआई उपयोग, शिक्षा और नवाचार पर जोर देते हुए बताया कि तकनीक का वास्तविक प्रभाव उसके सही और सटीक इस्तेमाल पर निर्भर करता है।
‘एआई किड ऑफ इंडिया’ उपाधि क्यों मिली
राउल जॉन अजु कम उम्र में ही कई एआई टूल्स विकसित कर चुके हैं। वह कंटेंट क्रिएशन, एआई रिसर्च और एडटेक इनोवेशन में सक्रिय हैं। आश्चर्य की बात यह है कि वे अब तक छह बार TEDx स्पीकर रह चुके हैं और बड़े कॉलेजों व स्कूलों में एआई से संबंधित शिक्षा भी दे रहे हैं। उनकी इस बहुमुखी प्रतिभा और उपलब्धियों के कारण ही उन्हें ‘एआई किड ऑफ इंडिया’ कहा जाने लगा है।
कई एआई टूल्स और इनोवेशन पर कर रहे काम
राउल ने बताया कि वह ऐसे कई एआई टूल्स और मॉडल्स पर काम कर रहे हैं जो शिक्षा, डिजिटल क्रिएशन और स्मार्ट टेक्नोलॉजी की दुनिया में उपयोगी साबित हो सकते हैं। उनका मानना है कि एआई को केवल उपयोग करने के बजाय इसे समझना और जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना जरूरी है, ताकि तकनीक समाज के लिए लाभकारी बने।
बचपन से ही रचनात्मक रहे, मिला बहुविषयक अनुभव
राउल ने कहा कि बचपन से ही वह विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रहे—अभिनय, शास्त्रीय नृत्य, और कई नए कौशल सीखने का अनुभव उनके व्यक्तित्व को और मजबूत करता गया। वे मानते हैं कि इन्हीं विविध अनुभवों ने उनकी रचनात्मकता को बढ़ाया और उन्हें एआई दुनिया में अलग सोच बनाने में मदद की।
युवाओं के लिए प्रेरणा
राउल जॉन अजु उन युवाओं के लिए प्रेरणा हैं जो कम उम्र में बड़े सपने देखते हैं। उनका सफर यह साबित करता है कि रचनात्मकता और तकनीक का मेल असाधारण उपलब्धियां ला सकता है। उनका संदेश भी यही है—सीखना कभी बंद न करें, तकनीक का उपयोग समाज के लिए सकारात्मक दिशा में करें, और जिज्ञासा बनाए रखें।
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