हरिद्वार : दिल्ली और उत्तर प्रदेश में पेयजल आपूर्ति के प्रमुख स्रोतों में शामिल गंग नहर को वार्षिक रखरखाव कार्य के चलते 18 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। नहर बंद होने का असर हरिद्वार के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हर की पौड़ी पर भी देखने को मिल रहा है। यहां गंगाजल का प्रवाह रुकने से घाट जलविहीन नजर आ रहे हैं। गंगा स्नान की आस्था लेकर हरिद्वार पहुंच रहे श्रद्धालुओं को स्नान के लिए पर्याप्त जल नहीं मिलने से निराशा का सामना करना पड़ रहा है।
गंग नहर बंद होने से हर की पौड़ी पर स्नान प्रभावित
गंग नहर को दशहरे की मध्यरात्रि से वार्षिक बंदी के तहत बंद किया गया है। इसके चलते हर की पौड़ी पर गंगाजल का प्रवाह प्रभावित हुआ है। सामान्य दिनों में गंगा स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए श्रद्धालुओं से गुलजार रहने वाले घाटों पर पानी का अभाव दिखाई दे रहा है।
हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हर की पौड़ी पर गंगा स्नान का विशेष धार्मिक महत्व है। कई श्रद्धालु दूर-दराज के क्षेत्रों से गंगा में स्नान करने और पूजा-अर्चना के लिए यहां पहुंचते हैं। ऐसे में घाट पर पर्याप्त पानी नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गंगा स्नान नहीं कर पाने से श्रद्धालु मायूस
इन दिनों बंगाली पर्यटक सीजन के चलते हरिद्वार में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की बात कही जा रही है। हालांकि गंग नहर बंद होने से हर की पौड़ी पर स्नान की व्यवस्था प्रभावित है। गंगा स्नान की इच्छा लेकर पहुंचे कई श्रद्धालु घाटों पर पानी नहीं होने से निराश हैं।
श्रद्धालुओं के लिए हरिद्वार की यात्रा का एक प्रमुख उद्देश्य मां गंगा में स्नान करना और धार्मिक अनुष्ठान करना होता है। ऐसे में हर की पौड़ी पर गंगाजल उपलब्ध नहीं होने से उनकी धार्मिक भावनाओं और यात्रा के अनुभव पर असर पड़ रहा है।
वार्षिक रखरखाव के लिए बंद की गई गंग नहर
गंग नहर को हर साल निर्धारित अवधि के लिए रखरखाव और मरम्मत कार्यों के उद्देश्य से बंद किया जाता है। इस दौरान नहर की सफाई मरम्मत और अन्य जरूरी कार्य किए जाते हैं ताकि आगे जलापूर्ति सुचारु रूप से जारी रखी जा सके।
इस बार नहर बंद रहने की अवधि में वर्ष 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले से संबंधित कार्य भी किए जाने की जानकारी दी गई है। कुंभ मेले की तैयारियों के मद्देनजर विभिन्न व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित कार्य किए जा रहे हैं।
7 नवंबर की मध्यरात्रि को नहर खोलने की जानकारी
जानकारी के अनुसार गंग नहर को 7 नवंबर की मध्यरात्रि में दोबारा खोले जाने का कार्यक्रम है। नहर में जल प्रवाह बहाल होने के बाद हर की पौड़ी पर भी पानी की उपलब्धता सामान्य होने की उम्मीद है। हालांकि घाटों पर पानी का प्रवाह कब तक पूरी तरह सामान्य होगा यह संबंधित व्यवस्थाओं और जल प्रवाह बहाल होने पर निर्भर करेगा।
गंग नहर बंद होने की अवधि में हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं को गंगा स्नान के लिए असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वहीं वार्षिक रखरखाव और कुंभ से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करना भी संबंधित विभागों के लिए महत्वपूर्ण है।