लोहाघाट चंपावत : चंपावत जिले के लोहाघाट क्षेत्र की सुई-बिसंग सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। सड़क पर हॉटमिक्स का कार्य दो वर्ष पूर्व स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। विभाग की ओर से सड़क को खोदकर सोलिंग का कार्य तो किया गया लेकिन दो साल बीत जाने के बावजूद सड़क पर डामरीकरण नहीं हो पाया है। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने सड़क की बदहाल स्थिति के लिए संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कई बार अधिकारियों से सड़क पर डामरीकरण कराने की मांग की गई लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिले। समस्या का समाधान नहीं होने से अब ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
धूल और कीचड़ से ग्रामीण परेशान
सुई-बिसंग सड़क पर डामरीकरण नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वाहनों की आवाजाही से सड़क पर धूल उड़ती है जो आसपास के घरों में पहुंच रही है। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है।
वहीं बारिश के दौरान सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे आवागमन और भी मुश्किल हो जाता है। धूप निकलने पर सड़क से उड़ने वाली धूल लोगों की परेशानी बढ़ा देती है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क पर बिखरे पत्थरों और रोड़ों के कारण कई वाहनों के टायर फट चुके हैं जिससे वाहनों को नुकसान पहुंच रहा है।
सड़क की खराब स्थिति के कारण कई दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। पैदल चलने वाले लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसका सबसे अधिक असर घास लेकर आने-जाने वाली महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ रहा है।
PMGSY विभाग के खिलाफ ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
सड़क की समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना PMGSY विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर जल्द डामरीकरण कराने की मांग उठाई और विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई।
ग्रामीणों का कहना है कि दो साल पहले स्वीकृत हॉटमिक्स कार्य अब तक पूरा नहीं हो पाना क्षेत्र के लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। उनका आरोप है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
जिलाधिकारी से मिलकर रखी समस्या
सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का एक शिष्टमंडल शुक्रवार को चंपावत के जिलाधिकारी से मिला। शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी को क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराते हुए सुई-बिसंग सड़क पर जल्द डामरीकरण का कार्य शुरू कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति का असर न केवल स्थानीय लोगों के दैनिक आवागमन पर पड़ रहा है बल्कि वाहनों के संचालन में भी परेशानियां आ रही हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की।
अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क के डामरीकरण की मांग को लेकर जब विभागीय अधिकारियों के सामने समस्या रखी जाती है तो कथित तौर पर काम में और देरी करने की धमकी दी जाती है। ग्रामीणों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से सड़क की समस्या झेल रही है लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से ठोस समाधान नहीं किया गया।
हालांकि अधिकारियों पर लगाए गए इन आरोपों पर विभाग का पक्ष सामने आना बाकी है।
एक सप्ताह का अल्टीमेटम तालाबंदी की चेतावनी
सड़क की बदहाली से नाराज ग्रामीणों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाने की चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि एक सप्ताह के भीतर सुई-बिसंग सड़क पर डामरीकरण का कार्य शुरू नहीं किया गया तो क्षेत्र के समस्त ग्रामीण PMGSY कार्यालय में तालाबंदी करेंगे और व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
ग्रामीणों ने कहा कि आंदोलन की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। उनका कहना है कि लंबे समय से सड़क की समस्या झेल रहे लोगों को अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि धरातल पर काम शुरू होता हुआ दिखाई देना चाहिए।
पर्यटन और आवागमन के लिहाज से महत्वपूर्ण है सड़क
ग्रामीणों के अनुसार सुई-बिसंग सड़क केवल स्थानीय आवागमन का मार्ग नहीं है बल्कि पर्यटन और क्षेत्रीय संपर्क के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। यह सड़क गलचौड़ा ITBP महिला स्पोर्ट्स कॉलेज कृषि विज्ञान केंद्र KVK तथा सुई और बिसंग क्षेत्र को जोड़ती है। इसके अलावा इस मार्ग से हल्द्वानी की ओर जाने वाले वाहनों का भी आवागमन होता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ इस मार्ग का उपयोग करने वाले अन्य यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए सड़क की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की।
अब डामरीकरण शुरू होने का इंतजार
सुई-बिसंग सड़क को लेकर ग्रामीणों का विरोध अब तेज होता नजर आ रहा है। दो साल से अधूरे पड़े डामरीकरण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की है। एक सप्ताह के भीतर काम शुरू नहीं होने पर तालाबंदी और आंदोलन की चेतावनी के बाद अब देखना होगा कि विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।
फिलहाल क्षेत्र के ग्रामीणों की नजरें प्रशासन और PMGSY विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी समस्या का जल्द समाधान होगा और बदहाल सड़क पर डामरीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा।