देहरादून : उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले दल-बदल की चर्चाओं ने प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होती नजर आ रही है। पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के भाजपा के एक और वरिष्ठ नेता के कांग्रेस के संपर्क में होने के दावे पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि चुनावी वर्ष में दोनों ही दलों में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहेंगी। कुछ नेता भाजपा में आएंगे तो कुछ महत्वाकांक्षी नेता पार्टी छोड़कर भी जा सकते हैं।
महेंद्र भट्ट बोले—चुनावी वर्ष में कई नेता आएंगे और जाएंगे
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने दल-बदल की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनावी वर्ष है और ऐसे समय में राजनीतिक दलों के बीच नेताओं का आना-जाना लगा रहता है। उन्होंने कहा अनेकों लोग उधर से भी आएंगे और कुछ महत्वाकांक्षी यहां से भी जाएंगे।
भट्ट ने यह भी कहा कि जो नेता पार्टी छोड़कर चला जाता है उस पर ज्यादा टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है। उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में संभावित बदलावों और दूसरी पार्टियों के नेताओं के शामिल होने की चर्चाओं के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कांग्रेस को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का दावा
महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए दावा किया कि कांग्रेस का बचा हुआ कुनबा भी टूटेगा और वहां से कई नेता भाजपा में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी इस बात पर विचार कर रही है कि किन नेताओं को भाजपा में शामिल किया जाना चाहिए और किन्हें नहीं।
भट्ट के मुताबिक इस संबंध में जल्द ही तस्वीर साफ हो जाएगी। हालांकि उन्होंने अपने बयान में भाजपा में शामिल होने वाले संभावित नेताओं के नामों का खुलासा नहीं किया।
रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी के बाद बढ़ी चर्चा
रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी के बाद उत्तराखंड की राजनीति में दल-बदल को लेकर चर्चाएं तेज हुई हैं। इसी बीच हरक सिंह रावत ने दावा किया था कि भाजपा का एक और वरिष्ठ नेता कांग्रेस के संपर्क में है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में संभावित राजनीतिक बदलावों को लेकर अटकलें लगाई जाने लगीं।
इसी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए महेंद्र भट्ट ने कहा कि चुनावी वर्ष में राजनीतिक गतिविधियां सामान्य हैं और किसी एक या दो नेताओं के पार्टी छोड़ने से भाजपा पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
भाजपा पर असर नहीं पड़ने का दावा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक-दो नेताओं के पार्टी छोड़ने से भाजपा की स्थिति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने पार्टी की ओर से संभावित नए सदस्यों को शामिल करने की प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि इस पर विचार किया जा रहा है।
उनके बयान से साफ है कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव से पहले दूसरी पार्टियों के नेताओं को अपने साथ जोड़ने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। हालांकि किन नेताओं को पार्टी में शामिल किया जाएगा, इसे लेकर अभी कोई नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।
2027 चुनाव से पहले बढ़ेगी सियासी हलचल?
उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए संगठनात्मक मजबूती और नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है। रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी और हरक सिंह रावत के दावे के बाद दल-बदल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
वहीं महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के कई नेताओं के भाजपा में आने का दावा किया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में कौन-कौन से नेता पार्टी बदलते हैं और इसका प्रदेश की चुनावी राजनीति पर क्या असर पड़ता है।