देहरादून : उत्तराखंड में मदरसों के साप्ताहिक अवकाश को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। अब शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त और मान्यता के लिए आवेदन कर चुके मदरसों में शुक्रवार के बजाय रविवार को साप्ताहिक छुट्टी रखने की व्यवस्था लागू की जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस फैसले को सभी के लिए एक समान व्यवस्था लागू करने की सोच से जोड़ते हुए कहा कि प्रदेश में सभी शिक्षण संस्थानों को एक समान नियमों के तहत संचालित होना चाहिए। यह बदलाव राज्य में मदरसा शिक्षा व्यवस्था को शिक्षा विभाग के निर्धारित मानकों के अनुरूप लाने की प्रक्रिया का हिस्सा है।
CM धामी ने समान व्यवस्था पर दिया जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी के लिए समान कानून और व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने समान नागरिक संहिता UCC का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में सभी वर्गों के लिए एक समान व्यवस्था लागू करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार जब मदरसे स्कूलों के रूप में मान्यता प्राप्त कर रहे हैं तो उन्हें भी शिक्षा विभाग के निर्धारित नियमों और शैक्षणिक व्यवस्था का पालन करना होगा। सरकार का कहना है कि इससे प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता आएगी और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
206 मदरसों पर लागू होगा बदलाव
राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की ओर से शिक्षा विभाग को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक यह व्यवस्था उन 206 मदरसों पर लागू होगी जिनमें 76 को शिक्षा विभाग से मान्यता मिल चुकी है जबकि 114 के आवेदन प्रक्रिया में हैं। इन संस्थानों को अन्य विद्यालयों की तरह निर्धारित साप्ताहिक अवकाश व्यवस्था का पालन करना होगा।
मदरसा शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलाव
उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड की जगह राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के माध्यम से अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों की मान्यता और शैक्षणिक व्यवस्था को नियंत्रित किया जा रहा है। सरकार का जोर इन संस्थानों में निर्धारित शैक्षणिक मानकों का पालन कराने और विद्यार्थियों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने पर है।
अधिकारियों के मुताबिक मान्यता प्राप्त संस्थानों को शिक्षा विभाग के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
फैसले पर राजनीतिक बहस भी तेज
मदरसों में शुक्रवार की छुट्टी समाप्त कर रविवार को साप्ताहिक अवकाश रखने के फैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं के बजाय मदरसों और धार्मिक मुद्दों पर अधिक ध्यान दे रही है। वहीं सरकार की ओर से शिक्षा संस्थानों में समान नियम लागू करने की बात कही गई है।
शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता पर सरकार का जोर
उत्तराखंड सरकार का कहना है कि शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त मदरसों को भी अन्य विद्यालयों की तरह निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। साप्ताहिक अवकाश में बदलाव इसी व्यवस्था का हिस्सा है। इस फैसले से राज्य में मदरसों के संचालन मान्यता और शिक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।