पीसीएस सेवा से इस्तीफा देने के बाद लगातार सुर्खियों में बने रहे अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली पहुंचकर औपचारिक तौर पर अपनी नई राजनीतिक यात्रा का आगाज़ कर दिया। परशुराम धाम मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे आने वाले 20 से 25 दिनों के भीतर एक नई राजनीतिक पार्टी की स्थापना करेंगे। इस घोषणा के साथ ही उनके समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और मंदिर परिसर में भारी भीड़ जुट गई, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
राजनीतिक व्यवस्था पर सवाल और नए विकल्प की वकालत
अलंकार अग्निहोत्री ने मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था को जनता की अपेक्षाओं पर खरा ना उतरने वाला बताया। उनके अनुसार वर्तमान परिस्थितियों में एक मजबूत और पारदर्शी राजनीतिक विकल्प की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं के मार्गदर्शन में पार्टी का नाम, संविधान और संरचनात्मक ढांचा तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द ही अंतिम रूप देकर निर्वाचन आयोग में पंजीकरण कराया जाएगा।
भाजपा पर सीधा हमला और बदलते राजनीतिक समीकरण
पूर्व अधिकारी ने भारतीय जनता पार्टी पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि पार्टी अपनी पकड़ खोती जा रही है और भावनात्मक मुद्दों के सहारे चुनाव जीतने की रणनीति अब जनता को स्वीकार नहीं। उनका दावा है कि हाल ही में जारी की गई ईमेल आईडी पर भारी संख्या में आवेदन आए हैं, जिनमें कई लोग भाजपा पृष्ठभूमि से जुड़े बताए जा रहे हैं। इससे उनकी नई राजनीतिक पहल पर विभिन्न दलों के लोगों की उत्सुकता भी सामने आई है।
समर्थकों का उत्साह और जिले में बढ़ती राजनीतिक हलचल
अलंकार अग्निहोत्री की घोषणा के बाद बरेली और आसपास के राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर और तेज हो गया है। समर्थक इसे नए राजनीतिक विकल्प की शुरुआत मान रहे हैं, जबकि विरोधी पक्ष उनके कदम को लेकर सियासी समीकरण पर नजर बनाए हुए है। भीड़ की उपस्थिति और स्वागत के जोश ने यह संकेत दे दिया कि उनकी नई पार्टी को लेकर जनता में उत्सुकता बढ़ती जा रही है।
अगले कदम पर सबकी निगाहें, औपचारिक घोषणा का इंतज़ार
अभी पार्टी के नाम, गठन और नीतियों पर अंतिम रूप दिया जाना बाकी है, लेकिन अलंकार अग्निहोत्री ने साफ संकेत दे दिया है कि वे राष्ट्रीय स्तर पर संगठन खड़ा करने का इरादा रखते हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि अगले 20 से 25 दिनों में उनकी औपचारिक घोषणा क्या रूप लेती है और राजनीतिक पटल पर यह नया दल कितना प्रभाव छोड़ पाता है।
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