प्रदेश में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देशानुसार चलाए जा रहे जन जन की सरकार जन जन के द्वार अभियान को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। जहां एक ओर सत्तारूढ़ दल इस पहल को सुशासन का मॉडल बता रहा है वहीं विपक्ष इसे महज़ दिखावा करार दे रहा है।
विपक्ष के आरोपों पर तीखा पलटवार
विपक्ष का आरोप है कि सरकार की योजनाएं धरातल पर प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच पा रही हैं। उनका कहना है कि ऐसे अभियानों के माध्यम से सरकार केवल जनता के बीच जाकर प्रचार कर रही है जबकि वास्तविक लाभ लोगों तक नहीं पहुंच रहा। विपक्ष ने इसे जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा कदम बताया है। वहीं सत्ता पक्ष की ओर से भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन ने विपक्ष के आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अभियान के तहत लगाए गए शिविरों में पहुंचकर यह देखना चाहिए कि किस प्रकार सरकारी अधिकारी सीधे जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।
प्रदेश प्रवक्ता के अनुसार अब तक 6 लाख से अधिक लोग इस अभियान का लाभ ले चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि शासन और प्रशासन के अधिकारी घर-घर पहुंचकर योजनाओं का लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जा रही है। कमलेश रमन ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री धामी के मार्गदर्शन में चल रही योजनाओं से विपक्ष चिंतित और निराश है। इसी कारण वह भ्रम की राजनीति करने से बाज नहीं आ रहा है। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि वह राजनीतिक चश्मा उतारकर सकारात्मक भूमिका निभाए और निराशा को आशा में बदलते हुए जनता के हित में कार्य करे। फिलहाल इस अभियान को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है और आने वाले समय में यह मुद्दा और अधिक सियासी रंग ले सकता है।
Comments (0)