लोहाघाट महाविद्यालय में लॉ कॉलेज खोलने की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से चल रहा धरना समाप्त हो गया। धरना लोहाघाट विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष विपिन गोरखा के नेतृत्व में आयोजित किया गया था। बारिश और ठंड के बावजूद समिति के सदस्य तीन दिन तक धरने पर डटे रहे।
तीन दिनी धरना समाप्त
धरना समाप्त करते हुए अध्यक्ष विपिन गोरखा और अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि यह तीन दिनी धरना शासन-प्रशासन के लिए चेतावनी था। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद लोहाघाट में अभी तक लॉ कॉलेज नहीं खोला गया है जिसका सबसे अधिक खामियाजा स्थानीय छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। छात्र कानून की पढ़ाई करने के लिए अन्य राज्यों और शहरों के चक्कर काट रहे हैं और गरीब छात्र इस अवसर से वंचित हैं।
समिति ने कहा कि जल्द ही जिला अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। यदि लोहाघाट महाविद्यालय में विधि संकाय नहीं खोला गया तो अप्रैल से लोहाघाट विकास संघर्ष समिति जनता के साथ मिलकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेगी जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने 12 साल पहले लॉ कॉलेज खोलने की घोषणा की थी लेकिन सरकार ने अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। समिति ने स्पष्ट किया कि जब तक लॉ कॉलेज नहीं खोला जाएगा उनका आंदोलन जारी रहेगा और छात्र-छात्राओं के अधिकारों के लिए संघर्ष चलता रहेगा।
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