लखनऊ - राज्यपाल के अभिभाषण पर बीते शुक्रवार को विधानसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपना संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि, पिछले नौ वर्षों की यात्रा अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन की यात्रा है। कर्फ्यू से कानून के राज की यात्रा है। उपद्रव से उत्सव की यात्रा है। समस्या से समाधान की यात्रा है और अविश्वास से आत्मविश्वास की यात्रा है।
उत्तर प्रदेश अब भय का नहीं
सीएम योगी आदित्यनाथ अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों, नीतिगत बदलावों और भविष्य की दिशा का व्यापक खाका प्रस्तुत किया। इसके साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि, उत्तर प्रदेश अब भय का नहीं, विश्वास और विकास का प्रदेश है। वहीं आगे सीएम ने कहा कि, वर्ष की शुरुआत में राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की उपलब्धियों और भावी योजनाओं का आधिकारिक दस्तावेज होता है।
सपा के सदस्य आपके नियंत्रण से बाहर रहे होंगे
इस दौरान विपक्षी दलों के सदस्यों का सदन में आचरण अनुचित था। नेता प्रतिपक्ष पर सवाल खड़े हुए करते हुए सीएम ने कहा कि संभवतः इसीलिए आप सदन में उपस्थित नहीं हुए, क्योंकि समाजवादी पार्टी के सदस्य आपके नियंत्रण से बाहर रहे होंगे। यही वह आचरण था, जिससे बिटिया घबराती थी और व्यापारी कारोबार समेटता था।
सीएम योगी ने साधा विपक्ष पर निशाना
सीएम योगी ने आगे ईशारों ही ईशारों में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि, राज्य की छवि अचानक खराब नहीं हुई थी, बल्कि वर्षों तक चले अव्यवस्थित आचरण और अपराध के वातावरण ने उसे प्रभावित किया था। बेटियां भयभीत थीं, व्यापारी अपना कारोबार समेटने को मजबूर थे और दंगे-कर्फ्यू आम बात थे।
2017 के बाद से प्रदेश में कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ
इसके साथ ही अपनी सरकार की पीठ थपथपाते हुए राज्य के मुखिया योगी ने कहा कि, 2017 के बाद से प्रदेश में “जीरो टॉलरेंस” नीति लागू की गई है। 2017 से पहले नीतिगत उदासीनता और प्रशासनिक शिथिलता का माहौल था, जबकि अब कानून का राज स्थापित हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि, 2017 के बाद से कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ है और प्रदेश में भयमुक्त वातावरण बना है।
हमारी सरकार ने 6 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकाला
राज्यपाल के अभिभाषण का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि, “डबल इंजन सरकार” के प्रयासों से 6 करोड़ से अधिक लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाला गया है। यह आंकड़ा नीति आयोग के अनुसार है। उन्होंने कहा कि, उत्तर प्रदेश अब “बीमारू राज्य” की छवि से बाहर निकल चुका है। पहली बार आर्थिक सर्वेक्षण को सदन में व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया गया, जो “विचार से व्यवस्था और व्यवस्था से विकास” की यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने इसे अविश्वास से आत्मविश्वास की ओर बढ़ता प्रदेश बताया, जहां पहले उपद्रव की खबरें सुर्खियां बनती थीं, अब निवेश, इन्फ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक कल्याण की खबरें प्रमुखता पा रही हैं।
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