लखनऊ में मंगलवार को सरकार ने अफसरशाही में बड़ी उथल-पुथल करते हुए 2 IAS और 6 PCS अधिकारियों को नई तैनातियाँ दे दीं। सरकार का कहना है कि यह बदलाव प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त करने और जिलों में कामकाज को तेज रफ्तार देने के लिए किए गए हैं। समय-समय पर होने वाले ऐसे फेरबदल शासन के लिए routine क्रिया माने जाते हैं ताकि काम में ढिलाई न आए और सिस्टम सक्रिय बना रहे।
बड़े अफसरों की कुर्सियाँ बदलीं
शासन की तरफ से जारी सूची के मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर भी बड़ा हेरफेर किया गया है। वी. हेकाली झिमोमी को नई और अहम जिम्मेदारी दी गई है। प्रमुख सचिव स्तर पर भी पोस्टिंग बदली गई है। कई जिलों में एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट तक की कुर्सियाँ बदल दी गई हैं। सरकार ने यह सब जिले की जरूरत और अफसरों के कामकाज को देखते हुए किया है।
सरकार की मंशा—काम में तेजी
सूत्र बताते हैं कि हाल के दिनों में प्रशासनिक समीक्षा चल रही थी और उसी के चलते यह बड़ा बदलाव किया गया है। सरकार चाहती है कि फील्ड में काम कर रहे अफसर ज्यादा जिम्मेदारी से काम करें, जमीन पर नतीजे लाएं और जनता की समस्याओं का तेजी से समाधान करें। माना जा रहा है कि आगे भी कुछ और तबादले देखने को मिल सकते हैं।
तैनाती के बाद बढ़ेगी हलचल
नई पोस्टिंग मिलने के बाद जिन-जिन जिलों में अफसर बदले गए हैं, वहाँ प्रशासनिक गतिविधियाँ और तेज होने की उम्मीद है। कानून-व्यवस्था से लेकर विकास योजनाओं तक, सब जगह नई टीमों के हिसाब से काम की रफ्तार बदलेगी। नए अफसर जल्द ही अपनी-अपनी जगह चार्ज भी संभालने वाले हैं।
असर जमीन पर दिखेगा या नहीं?
अब आने वाला समय बताएगा कि इस उथल-पुथल का असर जनता को कितनी जल्दी दिखता है। सरकार की उम्मीद है कि इन बदलावों से सिस्टम और चुस्त होगा, लेकिन असली परीक्षा जिलों में तैनात नए अफसरों की कार्यशैली से ही होगी।
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