कोलकाता: देश के अलग-अलग हिस्सों से चोरी किए गए मोबाइल फोन बांग्लादेश में तस्करी किए जाने के मामले में मुंबई पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। मुंबई के एलटी मार्ग थाने की पुलिस ने कोलकाता से मुस्तफा अब्दुल वायब और दानिश लोदी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अब तक इस नेटवर्क की जांच के दौरान 191 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले जाया गया है।
कूरियर कर्मचारी की गिरफ्तारी से खुला कोलकाता कनेक्शन
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुंबई पुलिस को सूचना मिली थी कि देश के विभिन्न राज्यों से चोरी किए गए मोबाइल फोन एकत्र कर बांग्लादेश भेजे जा रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान राजा उर्फ तौसिफ नाम के एक कूरियर कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से मोबाइल फोन से भरा एक बॉक्स बरामद हुआ। उससे पूछताछ के बाद इस नेटवर्क के कोलकाता से जुड़े होने की जानकारी सामने आई।
जोड़ासांको इलाके से दो आरोपी गिरफ्तार
जांच को आगे बढ़ाते हुए मुंबई पुलिस को कोलकाता के जोड़ासांको थाना क्षेत्र में इस गिरोह के संपर्कों का पता चला। इसके बाद पुलिस ने मुस्तफा अब्दुल वायब और दानिश लोदी को हिरासत में लिया। दोनों को बैंकशाल अदालत में पेश किया गया, जहां पुलिस ने आगे की पूछताछ के लिए उन्हें मुंबई ले जाने की अनुमति मांगी। अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद दोनों आरोपियों को मुंबई ले जाया गया।
देशभर से चोरी के फोन जुटाकर बांग्लादेश भेजने का शक
प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह का नेटवर्क देश के विभिन्न हिस्सों से चोरी के मोबाइल फोन जुटाकर उन्हें संगठित तरीके से बांग्लादेश भेजता था। चोरी के फोन की दोबारा बिक्री और उनके पुर्जों के कारोबार के साथ-साथ सीमा पार तस्करी के पहलुओं की भी जांच की जा रही है। हालांकि, नेटवर्क की पूरी कार्यप्रणाली और आरोपियों की भूमिका का खुलासा विस्तृत पूछताछ के बाद ही हो सकेगा।
191 मोबाइल फोन बरामद, नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश
अब तक बरामद किए गए 191 मोबाइल फोन को जांच में अहम सबूत माना जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी के फोन कहां से जुटाए जाते थे, उन्हें कोलकाता तक कैसे पहुंचाया जाता था और बांग्लादेश भेजने के लिए किन रास्तों का इस्तेमाल किया जाता था। जांचकर्ता इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि गिरोह के पीछे कोई बड़ा संगठित या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क सक्रिय था या नहीं।
तस्करी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी पुलिस
मुंबई पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, मोबाइल फोन की आपूर्ति करने वालों और तस्करी के रास्तों का पता लगाने में जुटी है। जांच का मुख्य उद्देश्य चोरी के मोबाइल फोन की बरामदगी के साथ-साथ इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर उसके संचालन का खुलासा करना है।