मालदा: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में गंगा नदी के कटाव की गंभीर समस्या के स्थायी समाधान की तलाश तेज हो गई है। हर साल नदी के कटाव से सैकड़ों परिवारों के सामने विस्थापन का संकट खड़ा हो जाता है। इसी समस्या का जायजा लेने और समाधान की संभावनाएं तलाशने के लिए राज्य के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल रविवार को मालदा पहुंचे। उनके दौरे से कटाव प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
गंगा कटाव से कई ब्लॉक प्रभावित, उजड़ रहे लोगों के आशियाने
मालदा जिले में गंगा नदी का कटाव लंबे समय से एक गंभीर समस्या बना हुआ है। मानिकचक के भूतनी, रतुआ, इंग्लिश बाजार और कालियाचक-3 ब्लॉक के विस्तृत इलाके हर साल नदी के कटाव की चपेट में आते हैं। इसके कारण लोगों के घर, जमीन और संपत्ति नदी में समा जाते हैं। चालू वर्ष में भी कटाव के चलते कई लोगों को अपना घर-बार गंवाना पड़ा है।
भूतनी समेत कटाव प्रभावित क्षेत्रों का होगा हवाई सर्वेक्षण
गंगा कटाव की स्थिति का आकलन करने के लिए मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल रविवार को भूतनी समेत जिले के विभिन्न प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इस दौरान कटाव की गंभीरता और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। निरीक्षण का उद्देश्य समस्या की व्यापकता को समझते हुए स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाना है।
जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक
हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्य सचिव जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में गंगा कटाव से जुड़ी चुनौतियों और इसके समाधान की संभावनाओं पर चर्चा किए जाने की उम्मीद है। प्रशासनिक स्तर पर होने वाली इस पहल को लंबे समय से कटाव की मार झेल रहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुबह 9:45 बजे हेलीकॉप्टर से मालदा पहुंचे मुख्य सचिव
मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल रविवार सुबह करीब 9 बजकर 45 मिनट पर हेलीकॉप्टर से मालदा हवाई अड्डे पहुंचे। उनके इस दौरे को गंगा कटाव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। अब प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की निगाहें प्रशासनिक निरीक्षण और बैठक के बाद उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हैं।