कोलकाता: चोरबागान में दुर्गा प्रतिमा दर्शन के लिए पहुंचे पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मृत कल्पना के घर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की। करीब 20 मिनट तक परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत कर उन्होंने हर संभव मदद का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने परिवार को आर्थिक सहायता का चेक सौंपा और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए योग्य सदस्य को नौकरी दिलाने की संभावना पर भी बात की। इस दौरान परिवार ने घटना के सभी दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग उठाई।
मृत कल्पना के परिवार से मिले मुख्यमंत्री, जाना हाल
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मृत कल्पना के घर पहुंचकर उनके पति और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की। कल्पना के परिवार में उनके पति के अलावा दो नाबालिग बच्चे, एक बेटा और एक बेटी हैं। मुख्यमंत्री ने करीब 20 मिनट तक परिजनों से बातचीत की और उन्हें भरोसा दिलाया कि मुश्किल की इस घड़ी में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
बच्चों के भविष्य के लिए नौकरी दिलाने का आश्वासन
परिवार की आर्थिक स्थिति और दोनों नाबालिग बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि परिवार में कोई योग्य व्यक्ति नौकरी के लिए उपयुक्त है, तो उसे रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किया जा सकता है। इस पहल का उद्देश्य परिवार को आर्थिक सहारा देना और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने में मदद करना है।
पहले चेक लेने से किया इनकार, बाद में सहायता स्वीकार की
मुख्यमंत्री ने मृत कल्पना के परिवार को आर्थिक सहायता के तौर पर एक चेक भी सौंपा। हालांकि, परिवार के सदस्यों ने शुरुआत में चेक लेने से इनकार कर दिया। बाद में उन्हें समझाया गया और दोनों बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परिवार ने आर्थिक सहायता स्वीकार कर ली।
चोरबागान मामले के सभी दोषियों को सजा देने की मांग
परिवार ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी मांग रखते हुए कहा कि चोरबागान की घटना में जो भी लोग दोषी हैं, उन सभी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। परिजनों की मांग पर मुख्यमंत्री ने गंभीरता से ध्यान दिया। परिवार की प्राथमिकता दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा- जरूरत पड़ने पर कभी भी संपर्क करें
परिवार को भरोसा देते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि किसी भी समय और किसी भी परिस्थिति में उन्हें उनकी जरूरत महसूस हो, तो वे उन्हें जरूर सूचित करें। उन्होंने हर संभव सहायता का प्रयास करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने भावनात्मक रूप से परिवार का साथ देते हुए कहा कि इस परिवार के अभिभावक वह स्वयं हैं।
पश्चिम बंगाल में 17 मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने का काम पूरा
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पश्चिम बंगाल में जिन 17 लोगों की मौत हुई थी, उनके परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने का काम आज पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के बाहर रहने वाले दो अन्य मृतकों के परिवारों को भी मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए सरकार के प्रतिनिधि उन परिवारों के पास जाएंगे और उन्हें आर्थिक सहायता सौंपेंगे।
मुख्यमंत्री के इस बयान के मुताबिक, राज्य के भीतर सभी 17 प्रभावित परिवारों तक आर्थिक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि बंगाल के बाहर रहने वाले दो परिवारों को मुआवजा देने की जिम्मेदारी भी सरकार ने ली है।