कोलकाता: आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष की जमानत और अभया मामले में न्याय की मांग को लेकर एक बार फिर विरोध तेज होने जा रहा है। वॉयस ऑफ अभया और वॉयस ऑफ वुमेन ने जांच एजेंसी सीबीआई की भूमिका पर सवाल उठाते हुए 12 नवंबर 2026 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज से श्यामबाजार तक विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है। संगठनों ने जांच में कथित लापरवाही, पूरक आरोपपत्र दाखिल करने में देरी और भ्रष्टाचार के मामलों की जांच की प्रगति पर चिंता जताई है।
पूरक आरोपपत्र दाखिल करने में देरी पर उठाए सवाल
वॉयस ऑफ अभया और वॉयस ऑफ वुमेन का आरोप है कि अभया मामले में सबूतों से छेड़छाड़ और आरजी कर मेडिकल कॉलेज में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। संगठनों ने दावा किया कि निर्धारित समय के भीतर पूरक आरोपपत्र दाखिल नहीं किए जाने से कानूनी प्रक्रिया प्रभावित हुई। उनका आरोप है कि आरोपपत्र दाखिल करने में देरी ने संदीप घोष को जमानत मिलने की स्थिति पैदा करने में भूमिका निभाई।
भ्रष्टाचार और सिंडिकेट राज के खिलाफ भी आवाज
संगठनों ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज में भ्रष्टाचार और कथित सिंडिकेट राज से जुड़े आरोपों की जांच को भी महत्वपूर्ण मुद्दा बताया है। उनका कहना है कि इन मामलों में तथ्यों और सबूतों की उचित जांच होनी चाहिए। साथ ही, सीबीआई को जांच की प्रगति और आरोपपत्र दाखिल करने की प्रक्रिया में समयबद्धता सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि न्याय की प्रक्रिया प्रभावित न हो।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नहीं, जांच की भूमिका पर सवाल
वॉयस ऑफ अभया और वॉयस ऑफ वुमेन ने स्पष्ट किया है कि उनकी आपत्ति सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर नहीं, बल्कि जांच एजेंसी की ओर से कथित देरी और कानूनी प्रक्रिया में कमियों को लेकर है। संगठनों का कहना है कि जांच के दौरान पर्याप्त सबूत जुटाना और उन्हें समय पर अदालत के सामने प्रस्तुत करना बेहद जरूरी है। उनके मुताबिक, जांच में किसी भी तरह की लापरवाही का असर न्याय मिलने की प्रक्रिया पर पड़ सकता है।
12 नवंबर को आरजी कर से श्यामबाजार तक विरोध मार्च
अपनी मांगों को लेकर संगठनों ने 12 नवंबर 2026 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज से श्यामबाजार तक विरोध मार्च निकालने का फैसला किया है। इस मार्च के जरिए प्रदर्शनकारी अभया मामले में न्याय, भ्रष्टाचार के आरोपों की उचित जांच और जांच एजेंसी की जवाबदेही से जुड़े मुद्दे उठाएंगे। संगठनों ने आने वाले दिनों में सीबीआई कार्यालय तक मार्च निकालने की योजना भी जाहिर की है।
न्याय की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने का ऐलान
वॉयस ऑफ अभया और वॉयस ऑफ वुमेन ने अभया मामले में न्याय सुनिश्चित करने, भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच और कथित सिंडिकेट राज के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग दोहराई है। संगठनों ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अब 12 नवंबर को प्रस्तावित मार्च के जरिए इन मांगों को किस तरह समर्थन मिलता है, इस पर नजर रहेगी।