पूर्व मेदिनीपुर: पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के उत्तर कांथी विधानसभा क्षेत्र के कांथी-2 देशप्राण ब्लॉक की चालती ग्राम पंचायत में स्थित ‘आमरा क’जोन क्लब’ की दुर्गा प्रतिमा का करीब 31 साल बाद जुलूस के साथ विसर्जन किया गया। इस मौके पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटे और विसर्जन के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। क्लब के पदाधिकारियों ने इसे लंबे समय से चली आ रही धार्मिक परंपरा को निभाने का अवसर बताया।
31 साल तक क्यों नहीं हो सका प्रतिमा का विसर्जन?
क्लब के पदाधिकारियों का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से दुर्गा पूजा आयोजित करने के बावजूद प्रशासनिक सहयोग नहीं मिलने के कारण वे जुलूस निकालकर प्रतिमा का विसर्जन नहीं कर पा रहे थे। उनका दावा है कि पहले विसर्जन के लिए इस्तेमाल होने वाला रास्ता काफी खराब और संकरा था, जिसके कारण लोगों के घरों के आसपास की गलियों से प्रतिमा ले जानी पड़ती थी। इस दौरान पेड़ काटने और रास्ते को लेकर विवाद भी होते थे।
सड़क बनने से आसान हुआ विसर्जन का रास्ता: विधायक सुमिता सिन्हा
उत्तर कांथी की विधायक सुमिता सिन्हा ने कहा कि पहले सड़क की स्थिति अच्छी नहीं थी, जिससे प्रतिमा विसर्जन के दौरान काफी परेशानियां आती थीं। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सड़क का कंक्रीटीकरण होने से अब प्रतिमा ले जाने में आसानी हो रही है। इसी वजह से क्लब के सदस्य लंबे अंतराल के बाद जुलूस के साथ विसर्जन कर सके।
राहुल प्रधान ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को दिया श्रेय
‘आमरा क’जोन क्लब’ के सचिव राहुल प्रधान ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री शिशिर अधिकारी, सांसद सौमेंदु अधिकारी और विधायक सुमिता सिन्हा को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए आभार जताया। उन्होंने क्षेत्र के लोगों को भी शुभ विजयादशमी की बधाई दी।
राहुल प्रधान ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार की तुष्टीकरण की नीति के कारण 31 वर्षों तक मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन नहीं हो सका। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सहयोग के बिना यह आयोजन संभव नहीं होता। उन्होंने इसे धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़ते हुए कहा कि क्षेत्र के लोग लंबे समय से अपनी धार्मिक परंपरा का पालन करने में कठिनाइयों का सामना कर रहे थे।
‘हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में हुआ विसर्जन’
क्लब के एक अन्य पदाधिकारी पवित्र प्रधान ने कहा कि लंबे समय बाद मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन होते देख हजारों श्रद्धालु वहां पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, विधायक सुमिता सिन्हा, मंत्री अरूप कुमार दास, पूर्व केंद्रीय मंत्री शिशिर अधिकारी और सांसद सौमेंदु अधिकारी के प्रति आभार जताया। उनका कहना था कि सरकार के सहयोग के बिना इतने बड़े आयोजन को पूरा करना मुश्किल होता।
पवित्र प्रधान ने इसे चालती ग्राम पंचायत क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि बचपन से ही वह मां की प्रतिमा के विसर्जन की परंपरा को लेकर चर्चा सुनते आए थे, लेकिन लंबे समय तक विसर्जन नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि अगले दिन उसी पूजा मंडप में लक्ष्मी पूजा का आयोजन किया जाएगा।
विश्व हिंदू परिषद ने बताया सनातनियों की जीत
विश्व हिंदू परिषद की ओर से शंकर प्रधान ने इस आयोजन को सनातनियों की जीत करार दिया। उन्होंने दुर्गा पूजा को बुराई पर अच्छाई की विजय और असुरों के संहार का प्रतीक बताया।
हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद पहले नहीं हो सका था विसर्जन
क्लब से जुड़ी जानकारी के अनुसार, पूर्व सचिव ने प्रतिमा विसर्जन के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट से आदेश भी प्राप्त किया था, लेकिन कथित प्रशासनिक असहयोग के कारण उस समय विसर्जन नहीं हो सका। इस बार विसर्जन संपन्न होने के बाद क्लब के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने इसे लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान के रूप में देखा।
हालांकि, पिछली सरकार की नीतियों, प्रशासनिक सहयोग और विसर्जन में आई बाधाओं को लेकर क्लब के पदाधिकारियों ने जो आरोप लगाए हैं, वे उनके बयान हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है।