कोलकाता: भारतीय आधुनिक चित्रकला के प्रतिष्ठित नाम और पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित योगेन चौधरी का निधन हो गया। तृणमूल कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सांसद रहे चौधरी 87 वर्ष के थे। उनके निधन से कला जगत में शोक की लहर है। पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे भारतीय कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
एक साल से अधिक समय से ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे योगेन चौधरी
योगेन चौधरी पिछले एक साल से अधिक समय से ब्लड कैंसर से पीड़ित थे। इस दौरान उन्हें कई बार कीमोथेरेपी दी गई। हाल के दिनों में उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें कोलकाता के आनंदपुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। इसके बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और रविवार सुबह करीब 10 बजे उनका निधन हो गया।
अपनी अनूठी कला शैली से बनाई अलग पहचान
योगेन चौधरी ने अपनी विशिष्ट चित्रकला शैली और रचनात्मकता के दम पर आधुनिक भारतीय कला जगत में खास पहचान बनाई थी। उनकी कलाकृतियों में मानवीय जीवन, सामाजिक वास्तविकताओं और भावनाओं की गहरी अभिव्यक्ति देखने को मिलती थी। रेखाओं और रंगों के विशिष्ट संयोजन के जरिए उन्होंने अपनी कला को एक अलग स्वरूप दिया, जिसने उन्हें देश के प्रतिष्ठित चित्रकारों में शामिल किया।
कला के साथ राजनीति में भी निभाई अहम भूमिका
चित्रकला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले योगेन चौधरी ने सार्वजनिक जीवन में भी अपनी भूमिका निभाई। वह तृणमूल कांग्रेस की ओर से राज्यसभा के सांसद रह चुके थे। कला और राजनीति, दोनों क्षेत्रों में उनके योगदान को याद किया जा रहा है। उनकी कलाकृतियां आने वाली पीढ़ियों के कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।
समिक भट्टाचार्य ने जताया शोक, बताया अपूरणीय क्षति
योगेन चौधरी के निधन पर समिक भट्टाचार्य ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनके जाने से भारतीय कला जगत में एक ऐसी रिक्तता पैदा हुई है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि चौधरी की कला में मानवीय संवेदनाओं और समाज की वास्तविकताओं की गहरी झलक मिलती थी। उनकी विशिष्ट शैली और असाधारण रचनात्मकता ने आधुनिक भारतीय चित्रकला में उन्हें अलग स्थान दिलाया।
परिवार और प्रशंसकों के प्रति व्यक्त की संवेदना
समिक भट्टाचार्य ने दिवंगत चित्रकार के परिवार, परिजनों और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। योगेन चौधरी का निधन भारतीय कला जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। उनकी कला, रचनात्मक दृष्टि और योगदान लंबे समय तक याद किए जाएंगे।