छत्तीसगढ़ लोक संस्कृति से जुड़ी और गोदना सांस्कृतिक मंच की सुप्रसिद्ध गायिका लता खापर्डे का आज निधन हो गया। वह छत्तीसगढ़ी गीतों की सुप्रसिद्ध गायिका रही है और लंबे समय से गोदना सांस्कृतिक मंच से जुड़ी रहीं उनके निधन से पूरे छत्तीसगढ़ में शोक व्याप्त है।
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लता खापर्डे की तबीयत बुधवार के दिन में खराब हुई और देर रात अचानक उन्हें हार्टअटैक का दौरा पड़ा और अस्पताल में इलाज के दौरान आज तड़के ही उनकी मौत हो गई। लता खापर्डे ने छत्तीसगढ़ लोक कला के लिए अपना जीवन समर्पित रखा और छत्तीसगढ़ लोक कला के क्षेत्र में अपना बहुमूल्य योगदान दिया है।
छत्तीसगढ़ की लोक कला को विदेशों तक पहुंचाने का काम किया । उन्होंने जर्मनी और रूस जैसे देशों की यात्राएं कर वहां के लोगों को छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति से अवगत कराया। विदेशों में उन्होंने अनेक प्रोग्राम किए जिसके जरिए लोगों को छत्तीसगढ़ की संस्कृति के विषय में पता चल पाया।
छत्तीसगढ़ आकाशवाणी में भी उन्होंने अपनी गायकी के जरिए नया मुकाम हासिल किया। लता खापर्डे बचपन से छत्तीसगढ़ी लोक कला से जुड़ी रहीं और 8 साल की उम्र में ही उन्होंने सुप्रसिद्ध लोक कलाकार रामचंद्र देशमुख के सानिध्य में रहकर छत्तीसगढ़ी लोक कला के क्षेत्र में अपने पैर जमाए और इसके बाद उन्होंने खुमान साव और हबीब तनवीर जैसी शख्सियत के साथ काम किया।
उन्होंने अभिनय भी किया और हबीब तनवीर के नया थिएटर से जुड़कर उन्होंने लंबे समय तक काम किया। हबीब तनवीर के कई नाटकों में उनका बेहतरीन अभिनय छत्तीसगढ़ के लोगों को देखने को मिला नया थिएटर से जुड़कर उन्होंने अनेक नाटकों में बेहतरीन अभिनय किया।
लता खापर्डे के निधन के बाद कला के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ पड़ी और लता खापर्डे का योगदान छत्तीसगढ़ी गीतों में रहा, साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी लता खापर्डे के निधन पर शोक व्यक्त किया।लता खापर्डे ने देश विदेश में अपने कला का जौहर दिखाया था।
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