प्रदेश में एक बार फिर कोयले पर केंद्र और राज्य सरकार आमने-सामने हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के हिस्से के कोयले को केंद्र सरकार को देना चाहिए, साथ ही साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह भी कहा है की कोयला खदान और संयंत्र सीमित है नया संयंत्र नहीं बना है फिर भी भारत सरकार कोयला पूर्ति क्यों नहीं कर पा रही है।
एक बार फिर केंद्र और राज्य के बीच जंग छिड़ गई
प्रदेश में कोयला पूर्ति को लेकर के एक बार फिर केंद्र और राज्य के बीच जंग छिड़ गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों देते हुए कहा है कि जब नए संयंत्र नहीं बने हैं तो आखिर कोयला जा कह रहा है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर कोयला ढोने के लिए यात्री ट्रेनों को रद्द करने का भी आरोप लगाया और कहा कि आखिर जब लगातार छत्तीसगढ़ से कोयला ढुलाई हो रही है तो फिर संयंत्र को पर्याप्त मात्रा में कोयले की आपूर्ति क्यों नहीं हो रही है। इन सभी मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के भाजपा सांसदों पर भी निशाना साधा उन्होंने कहा कि इसके लिए भाजपा के लोग मौन क्यों हैं।
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छिड़ी तकरार लोगो की परेशानी बढ़ा सकती है
आपको बताए कि प्रदेश में लंबे समय से ट्रेन रद्द चल रही थी जिससे यात्रियों को परिवहन के लिए अन्य माध्यमों का सहारा लेना पड़ रहा है,ऐसे समय में केंद्र और राज्य के बीच छिड़ी तकरार लोगो की परेशानी बढ़ा सकती है,क्योंकि केंद्र और राज्य के तकरार के बीच अगर आम जन को मूलभूत सुविधाएं नहीं मुहैया हो पाएंगी तो फिर लंबे समय से ट्रेनों के रद्द होने की मार झेल रहे यात्रियों को राहत कैसे मिलेगी। अब देखने वाली बात यह होगी कि केंद्र राज्य का यह तकरार कहां जाकर थमता है।
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