MP के डिंडौरी जिले में सोमवार को कलेक्टर ऑफिस आम दिनों के मुकाबले थोड़ा अलग लग रहा था। कलेक्टर विकास मिश्रा की कुर्सी पर उनकी जगह नवमीं कक्षा का एक छात्र रूद्र प्रताप झारिया बैठा था। जबकि कलेक्टर विकास मिश्रा रूद्र के पास ही खड़े होकर उसे कलेक्ट्रेट के काम-काज का तरीका बता रहे थे। इसके बाद विकास मिश्रा ने खुद रूद्र को कलेक्टर ऑफिस का भ्रमण कराया और वहां के अलग-अलग विभागों के काम करने के तरीके भी बताए।
आइए अब हम आपको बताएं क्या है पूरा मामला
दरअसल कलेक्टर विकास मिश्रा शनिवार को धनवासागर के सरकारी मॉडल स्कूल में निरीक्षण करने गए थे। अपने भ्रमण के दौरान उन्होंने कुछ छात्रों से बातचीत की थी। उन्हीं छात्रों में एक नौवीं कक्षा का छात्र रूद्र प्रताप झारिया भी मौजूद था। रूद्र ने कलेक्टर को बताया कि शुरू से ही उसका सपना था कलेक्टर से मुलाकात करने का और वह खुद भी एक कलेक्टर बनना चाहता है। उसके माता-पिता हमेशा उसे कलेक्टर बनने के लिए प्रेरित करते रहते हैं। यह सुनकर विकास मिश्रा का मन प्रफुल्लित हो गया और उन्होंने रूद्र से वादा किया कि उसे एक दिन का कलेक्टर जरूर बनाएंगे और यह मौका भी जल्दी ही आ गया।
प्रशासनिक कार्यों के बारे में बताया
हर सुबह की तरह जब कलेक्टर विकास मिश्रा अपने कार्यालय पहुंचे तो वहां पर रूद्र और उसके माता-पिता पहले से ही मौजूद थे। इसके बाद कलेक्टर विकास मिश्रा ने रूद्र को अपनी कुर्सी पर बैठाया और उसे कार्यालय के प्रशासनिक कार्यों के बारे में समझाने लगे। थोड़े समय बाद कलेक्टर विकास मिश्रा खुद ही रूद्र को कार्यालय के अलग-अलग विभाग में ले गए और कौन क्या काम करता है और किस तरह से करता है यह भी समझाया।
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पेसा एक्ट का ब्रांड एम्बेसडर बनाएंगे
आपको बता दें की MP के डिंडौरी में हाल ही में शिवराज सरकार के द्वारा 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस पर राज्य में पेसा एक्ट के नियम जारी किए हैं। कलेक्टर विकास मिश्रा ने मीडिया को दी गई जानकारी में कहा की रूद्र प्रताप झारिया को पेसा एक्ट का ब्रांड एम्बेसडर बनाया जाएगा। उसके जरिए गांव-गांव में पेसा एक्ट की जानकारी पहुंचाई जाएगी और कानून के प्रति जागरुकता बढ़ाने में यह अभियान कारगर साबित होगा।
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