Health workers: एमपी में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल का आज पांचवां दिन है। प्रदेशभर के 32 हजार संविदा हेल्थ कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी मांगों का पत्र खून से लिखा है। मांगें पूरी न होने पर 20 दिसंबर को विधानसभा घेराव की चेतावनी भी दी है। मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है। नियमितीकरण और निष्काषित कर्मचारियों की बहाली की मांग को लेकर ये हड़ताल हो रही है। जिले में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों में संविदा चिकित्सक, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, एएनएम, कम्प्यूटर और मैनेजमेंट कैडर के कर्मचारी पदस्थ हैं, ये सभी हड़ताल पर हैं
हमने अपनी जान पर खेलकर सेवाएं दी थी
कर्मचारियों का कहना है कि कोरोना काल में हमने अपनी जान पर खेलकर सेवाएं दी थी, लेकिन सरकार हमारी तरफ ध्यान नहीं दे रही है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के नियमितीकरण का मामला 5 जून 2018 को सामान्य प्रशासन की तरफ से जारी नीति में सामने लाया गया था। जिसमें संविदा कर्मचारियों को नियमित करने, नियमित होने तक नियमित कर्मचारियों के वेतन का 90 प्रतिशत वेतन देने का आदेश दिया गया था। लेकिन 5 जून 2018 की नीति लागू नहीं होने से संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने का मन बना लिया है।
काले गुब्बारों से विरोध
ये हड़ताल संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी मध्यप्रदेश के बैनर तले हो रही है। 12 नवंबर को काले गुब्बारे छोड़कर विरोध प्रदर्शन जताया था। ये भी पढ़े- Telangana Congress: कांग्रेस को बड़ा झटका, तेलंगाना में पीसीसी के 12 सदस्यों ने अपने पद से दिया इस्तीफा
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