MP Vidhansabha: मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज चौथा दिन है। बुधवार को सत्र के तीसरे दिन अविश्वास प्रस्ताव पर देररात तक चर्चा चली। आज भी अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है। वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज विपक्ष के आरोपों का जवाब दे सकते हैं।
कमलनाथ उपस्थित नहीं रहे
बता दें कि बुधवार को प्रश्नकाल के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया। सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पीसीसी चीफ कमलनाथ उपस्थित नहीं रहे थे। विपक्ष ने 51 मुद्दों के अविश्वास प्रस्ताव आरोप पत्र में बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की बढ़ती समस्या, विपक्षी विधायकों के साथ भेदभाव, कानून व्यवस्था समेत कई मु्द्दों पर सरकार को घेरा। सरकार ने विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को तथ्यहीन बताते हुए खारिज कर दिया। चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस प्रस्ताव पर देर रात तक बहस चलती रही। कांग्रेस ने वॉकआउट कर लिया।
रात 12:30 बजे तक चर्चा चली
मध्यप्रदेश विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर रात 12:30 बजे तक चर्चा चली। हंगामे के साथ ही सदन में जय श्री राम और जय जय सियाराम के नारे भी गूंजते रहे। कांग्रेस ने मंत्री मोहन यादव और भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का जमकर विरोध किया, वहीं बीजेपी उनके समर्थन में खड़ी रही।
नेता प्रतिपक्ष पर उनके विधायकों का विश्वास नहीं
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष पर उनके विधायकों का विश्वास नहीं है। नेता प्रतिपक्ष का कांग्रेस अध्यक्ष पर विश्वास नहीं। विधायकों को कार्यकर्ताओं पर विश्वास नहीं। कांग्रेस पर जनता का विश्वास नहीं है। अविश्वास प्रस्ताव के आरोप कोई तथ्य और प्रमाण के आधार पर नहीं लगा पाएं। हवा हवाई आरोप है जो कि नियम प्रक्रिया के विपरित है। जब आप कोई आरोप लगाते है तो उनको जवाब देने का समय दिया जाता है। सभी आरोप हवा हवाई और पूरा अविश्वास टांय टांय फिस्स हो गया।
विधायकों का बहुमत
9 साल बाद विपक्ष की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव में सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। क्योंकि बीजेपी के पास पर्याप्त विधायकों का बहुमत है। विपक्ष की तरफ से यह सरकार को घेरने की कोशिश थी, लेकिन पीसीसी चीफ कमलनाथ की गैर मौजूदगी में पूरी कांग्रेस कमजोर दिखी और सत्ता पक्ष के निशाने पर आ गई।
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