2009 बैच के आईपीएस ऑफिसर और सोशल पुलिसिंग के महारथी कहे जाने वाले अमित सिंह को अब इंदौर में कानून व्यवस्था को सुधारने की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें इंदौर महानगर का अतिरिक्त पुलिस आयुक्त यानी कि एडिशनल सीपी कानून और व्यवस्था के रूप में पदस्थ किया गया है। अभी नारकोटिक्स डीआईजी के रूप में वे मध्य प्रदेश में नशा मुक्ति अभियान चला रहे थे और कई माफिया का खात्मा कर चुके थे। अमित सिंह की शैली को देखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उन्हें इंदौर जैसे बड़े महानगर की जिम्मेदारी दी है।
अमित सिंह की पहचान मध्य प्रदेश में बेहद ही सुलझे हुए और बुद्धिमान अफसर के रूप में है। जनता से उनका सीधा संवाद स्थापित होता है लिहाजा इसके पूर्व उन्हें जिस भी जिले की कमान मिली वहां पर वे बेहद लोकप्रिय जनता के बीच हुए। 24 घंटे अमित सिंह से जनता सीधे संवाद करती थी और छोटे-छोटे मुद्दे पर भी वे एक्शन लेते थे। अमित सिंह वे अफसर हैं जिन्हें बड़े-बड़े जिलों की जिम्मेदारी दी गई और उन्होंने मिली जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन किया। टीकमगढ़ से एसपी के रूप में शुरुआत करने वाले अमित सिंह खरगोन, रतलाम और दो बार जबलपुर के एसपी रहे।
आईपीएस ऑफिसर और सोशल पुलिसिंग के महारथी कहे जाने वाले अमित सिंह को अब इंदौर में कानून व्यवस्था को सुधारने की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।
Comments (0)