केंद्र सरकार के राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर भले ही पिछले 6 साल से लगातार नंबर 1 आ रहा हो, लेकिन स्थानीय लोग सार्वजनिक स्थानों पर पान-गुटखे की पीक थूकने से बाज नहीं आ रहे। सोमवार सुबह इंदौर की सड़कों पर अलग ही नजारा देखने को मिला। शहर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने 'नो थू-थू अभियान' का शुभारंभ किया। इसके चलते 19 जगहों पर स्वच्छता का पाठ पढ़ाया जाएगा। आम जनता को बताया जाएगा कि शहर को रेड स्पॉट से दूर रखना है। ये जागरूकता अभियान आज से ही शहर में शुरू हुआ है। अभियान के द्वारा नागरिकों को स्वच्छता बनाए रखने के लिए सड़क या डिवाइडर पर ना थूकने के लिए जागरूक किया जाएगा। बता दें कि इस बार से स्वच्छता सर्वेक्षण में रेड स्पॉट की संख्या पर भी फोकस होगा और इस पर भी अंक मिलेंगे।
इसी को देखते हुए इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव, महापौर परिषद सदस्य अभिषेक शर्मा, प्रिया डांगी द्वारा शहर को रेड स्पॉट से मुक्त करने के लिए 'नो थू-थू अभियान' का शुभारंभ किया गया है। शहर के डिवाइडरों की पीली और काली लाइन को थूक थूककर लाल लाइन में बदलने वालों को महापौर ने संदेश दिया कि ऐसा ना करें। महापौर, महापौर परिषद सदस्य एवं अन्य ने 'नो थू-थू अभियान' के तहत महू नाका डिवाइडर की खुद सफाई भी की। महापौर ने थूकने से रोकने के लिए बनाए गए गीत को भी लॉन्च किया।
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नगर निगम अब इस प्रयास में जुट गई है कि शहर में पान गुटखा सड़कों पर थूकने वालों को कैसे रोका जा सके। किस तरह उनमें जागरुकता फैलाई जा सके। इसके लिए निगम सड़क, फुटपाथ और दीवारों पर थूकने वालों पर स्पॉट फाइन लगाने की तैयारी कर चुका है।
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