धार जिले के धामनोद में आज एक मन्दिर में शिवलिंग के ऊपर लगे कलश के पेंडुलम की तरह हिलने की चमत्कारीक घटना के चलते लोगों में आस्था और भक्ति की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में लोग कौतूहल के साथ लगभग 500 साल पुराना मंदिर श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शंकर के जलाधारी के ऊपर लगा कलर पेंडुलम की तरह हिलता देखने पहुंचे ओर देखते ही देखते लोगों की भारी भीड़ लग गई।
कलश को झूलते देखा तो मोहल्ले के अन्य लोगों को सूचित किया
दरअसल सुबह एक श्रद्धालु ने जब बंद मंदिर में भगवान के शिव लिंग के ऊपर घड़ी के पेंडुलम की तरह कलश को झूलते देखा तो मोहल्ले के अन्य लोगों को सूचित किया ,ओर धीरे-धीरे यह खबर पूरे धामनोद में आग की तरह फैल गई व मंदिर मैं लोगों का तांता लग गया। मंदिर के पुजारी और श्रद्धालुओं के अनुसार आज सूर्य ग्रहण होने से सुबह 4:00 बजे के लगभग भगवान को भोग लगाकर पूजन पाठ कर मंदिर के पट बंद कर दिए गए थे और मंदिर के मुख्य द्वार पर भी ताला लगा दिया गया था।
लेकिन सुबह एक श्रद्धालु की नजर जब मंदिर के अंदर पड़े तो भगवान शंकर की जलाधारी के ऊपर का कलश पात्र घड़ी के पेंडुलम की तरह हिलता हुआ देखा जिसकी सूचना उसने तत्काल पुजारी और अन्य लोगों को दी भगवान शंकर के ऊपर कलश पात्र को घड़ी के पेंडुलम की तरह हिलता देख लोग इसे भगवान शंकर का चमत्कार मान रहे हैं।
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मंदिर क्षेत्र में लोगों की भीड़ भी बढ़ती ही जा रही है
जैसे-जैसे यह खबर फैल रही है मंदिर क्षेत्र में लोगों की भीड़ भी बढ़ती ही जा रही है , व शिवलिंग के ऊपर लगा कलर्स अभी तक लगातार हिल रहा है तथा मंदिर में एकमात्र गेट के अलावा हवा जाने का भी कोई रास्ता नहीं है इससे हवा के दबाव में कलश के हिलने का कारण माना जावे , धामनोद के बावड़ी मोहल्ले में स्थित यह नर्मदेश्वर महादेव मंदिर लगभग 500 वर्ष पुराना है और धरमपुरी क्षेत्र मैं निकलने वाला भगवान शिव के डोले की शुरुआत भी इसी मंदिर से की जाती है। यह मंदिर सैकड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है ऐसे में इस घटना को श्रध्दालु सूर्य ग्रहण के दिन
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