बिजली आउटसोर्स कर्मचारी को शिवराज सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने हड़ताल के कारण हटाये गये 1078 आउटसोर्स कर्मियों को दोबारा कार्य पर रखने के निर्देश दिए है। ये वही कर्मचारी है जिन्हें हड़ताल के दौरान हटा दिया गया था। बता दें ये सभी कर्मचारी आज से काम पर वापस लौटेंगे।
सीएम ने दिए ये निर्देश
जनवरी में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर गए आउटसोर्स कर्मचारियों को विद्युत वितरण कंपनियां फिर से सेवा बहाल करेंगी। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने विद्युत वितरण कम्पनियों में हड़ताल के कारण हटाये गये आउटसोर्स कर्मचारियों को फिर से कार्य पर रखने के निर्देश दिये हैं। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जल्द इन्हें कार्य पर रखने की कार्यवाही की जायेगी।
ये थी प्रमुख मांगे
गौरतलब है कि हड़ताल के कारण निकाले गये आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रतिनिधि-मण्डल ने मुख्यमंत्री चौहान से भेंट कर खेद व्यक्त किया और दोबारा ऐसा नहीं करने का भरोसा दिलाया। आउटसोर्स कर्मचारियों ने ऊर्जा मंत्री तोमर से भी भेंट कर उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया। आउटसोर्स कर्मचारियों ने संविलियन करने, अनावश्यक सेवा से हटाकर प्रताड़ित करने, वेतनवृद्धि न होने और दुर्घटना बीमा को लेकर हड़ताल की थी। विद्युत वितरण कंपनियों ने चेतावनी देने के बाद भी जो एक हजार 28 कर्मचारी काम पर नहीं लौटे थे, उनकी सेवाएं समाप्त कर दी थी।
इसलिए हुई थी सेवाएं समाप्त
बता दे कि मध्यप्रदेश में लगभग 25,000 नियमित कर्मचारी, 45,000 आउटसोर्स कर्मचारी और 6,000 संविदा कर्मचारी हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर जनवरी में हड़ताल शुरू की थी, जिसमें नियमितीकरण, विलय, वेतन वृद्धि, ओपीएस और पेंशन ट्रस्ट जैसे मुद्दे शामिल थे। इस दौरान नियमित कर्मचारियों ने समर्थन दिया तो बिजली व्यवस्था बाधित हो गई थी, ऐसे में कंपनी ने हड़ताली कर्मचारियों को टर्मिनेशन लेटर जारी कर दिया था। इसका कर्मचारियों ने विरोध जताया था और मप्र यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एंप्लॉय एवं इंजीनियर संगठन लगातार कर्मचारियों की बहाली की मांग कर रहा था।, इसके बाद सीएम ने बहाली के निर्देश दिए है।
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