मध्यप्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं ने एक बार फिर ठिठुरन बढ़ा दी है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादलों की गतिविधि और उत्तरी हवाओं की सक्रियता के कारण दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। स्थिति यह है कि महज 24 घंटे में कई शहरों में दिन का पारा 9 डिग्री तक गिर गया, जिससे लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए हैं।
एमपी में ठंड का असर फिर बढ़ा
मध्यप्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम के प्रभाव ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। उत्तर भारत की तरफ से आ रही नमी युक्त हवाओं के कारण प्रदेश के न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शनिवार को खजुराहो में दिन का पारा 21.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से लगभग 8 डिग्री कम है। इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य शहरों में भी 5 से 9 डिग्री तक की गिरावट देखी गई।
राजगढ़ में सबसे ठंडी रात
बीते 24 घंटों में प्रदेश का न्यूनतम तापमान राजगढ़ में 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ग्वालियर-चंबल संभाग में हल्की बारिश ने नमी बढ़ा दी। दतिया में 1.0 मिलीमीटर और भिंड में 0.2 मिलीमीटर वर्षा हुई, जिससे इन क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रहा। सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम रही, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। वर्तमान में जम्मू और पाकिस्तान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती घेरा) बना हुआ है। इसके साथ ही उत्तर-पूर्व भारत के ऊपर 240 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही जेट स्ट्रीम हवाएं मैदानी इलाकों में ठंड और कोहरे की तीव्रता बढ़ा रही हैं। यही कारण है कि इंदौर और भोपाल जैसे शहरों में दिन में भी लोग ठिठुरन महसूस कर रहे हैं। IMD के अनुसार घना कोहरा और कोल्ड वेव से ठंड का असर बढ़ गया है।
26 जनवरी से नया मौसम सिस्टम सक्रिय होगा
रविवार को ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में ‘कोल्ड डे’ की स्थिति बनी रह सकती है। वहीं, 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस से उत्तर-पश्चिम भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे प्रदेश में कड़ाके की ठंड का नया दौर शुरू होने की उम्मीद है।
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