बिहार के सीएम नीतीश कुमार एवं गृह मंत्री अमित शाह को मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम व कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि, कुछ नेताओं की कथनी एवं करनी में अंतर होता है। कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि, हमें कभी उम्मीद नहीं थी कि, नीतीश कुमार ऐसा कदम उठाएंगे। वे पहले ही बोल चुके थे कि किसी हालत में मरते दम तक बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे। वे संयोजक बनना चाहते थे तो बना देते, इसमें किसी को कोई परेशानी नहीं थी। उन्हीं के द्वारा विपक्षी गठबंधन का प्रयास किया गया था।
इन नेताओं की कथनी और करनी में अंतर है
आगे मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा कि, सभी ने मिलकर उन्हें संयोजक बनने का आफर भी दिया था, जिसे उन्होंने ही मना कर दिया। फिर इस प्रकार का कदम उठाने का क्या मतलब है। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि, वे स्वयं डेढ़ साल से भारतीय जनता पार्टी का सामूहिक विरोध करने की पहल कर रहे थे। यह कैसा नेता जो कहे कुछ और करे कुछ। दिग्विजय सिंह ने कहा कि, अमित शाह ने कहा था कि, नीतीश आना भी चाहेंगे तो नहीं लेंगे, लेकिन वे उनके साथ हो लिए। कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि, इन नेताओं की कथनी और करनी में अंतर है।
मेरे लोकसभा चुनाव लड़ने का सवाल ही नहीं उठता
वहीं कांग्रेस के सीनियर नेता व एमपी के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में कार्यकर्ताओं से कहा कि, मेरे लोकसभा चुनाव लड़ने का सवाल ही नहीं उठता क्योंकि मैं राज्यसभा सदस्य हूं तथा अभी मेरा सवा दो साल का कार्यकाल बचा है। आपको बता दें कि, दिग्विजय सिंह इन दिनों राजगढ़ जिले की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में जाकर पार्टीजन से बातचीत कर रहे हैं।
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