एमपी पुलिस के गौरवशाली इतिहास का एक महत्वपूर्ण पहलू मध्य प्रदेश पुलिस बैंड रहा है। मध्य प्रदेश पुलिस बैंड की स्थापना साल 1988 में 7वीं वाहिनी, विशेष सशस्त्र बल, भोपाल में की गई थी। इसके बाद प्रथम वाहिनी इंदौर, दूसरी वाहिनी विशेष सशस्त्र बल (विसबल) ग्वालियर, 6वीं वाहिनी विसबल जबलपुर और जेएनपीए सागर में पुलिस बैंड की शाखाओं को खोला गया था। वर्तमान में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन की विसबल इकाइयों में ब्रास बैंड और रीवा इकाई में पाइप बैण्ड स्थापित हैं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर 6 माह के प्रशिक्षण के बाद अब प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस बैंड की स्थापना की गई है।
350 जवानों का पुलिस बैंड देगा प्रस्तुति
एमपी पुलिस के गौरवशाली इतिहास का एक महत्वपूर्ण पहलू मध्य प्रदेश पुलिस बैंड रहा है. मध्य प्रदेश पुलिस बैंड की स्थापना वर्ष 1988 में 7वीं वाहिनी, विशेष सशस्त्र बल, भोपाल में की गई थी. इसके बाद प्रथम वाहिनी इंदौर, 2री वाहिनी विशेष सशस्त्र बल (विसबल) ग्वालियर, 6वीं वाहिनी विसबल जबलपुर और जेएनपीए सागर में पुलिस बैंड की शाखाओं को खोला गया था. वर्तमान में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर एवं उज्जैन की विसबल इकाइयों में ब्रास बैंड तथा रीवा इकाई में पाइप बैण्ड स्थापित हैं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर 6 माह के प्रशिक्षण के बाद अब प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस बैंड की स्थापना की गई है।15 अगस्त के लिए पुलिस बल तैयार
प्रत्येक जिले में पुलिस बैंड की स्थापना के लिये प्रथम वाहिनी विसबल, इंदौर, 6 वीं वाहिनी विसबल जबलपुर और 7वीं वाहिनी विसबल भोपाल के 321 जवानों को प्रशिक्षण दिया गया और 19 कर्मचारियों को एसटीसी बैंगलुरू भेजा गया था। इस प्रकार कुल 340 कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण के बाद मध्यप्रदेश में आगामी 15 अगस्त 2024 के राष्ट्रीय पर्व के लिए समस्त जिलों में पुलिस बैण्ड दल स्थापित किया गया।Written by - Prishita sharma
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