मध्यप्रदेश के किसानों के लिए सरकार ने बड़ी खुशखबरी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2028 से पहले गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 2700 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश में गेहूं का MSP 2600 रुपये प्रति क्विंटल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए चरणबद्ध तरीके से अपने वादों को पूरा कर रही है।
किसान सम्मेलन में कृषक कल्याण वर्ष का ऐलान
रविवार को राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित भव्य किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाने की घोषणा की। सम्मेलन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से हजारों किसान शामिल हुए। इस आयोजन ने सरकार और किसानों के बीच संवाद को मजबूत करने का संदेश दिया।
1101 ट्रैक्टरों की रैली से दिखा किसानों का उत्साह
किसान सम्मेलन से पहले भोपाल में 1101 ट्रैक्टरों की भव्य रैली निकाली गई। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं ट्रैक्टर चलाते नजर आए। इस प्रतीकात्मक पहल ने किसानों में आत्मविश्वास और सरकार के प्रति भरोसे को और मजबूत किया।
सरसों किसानों को भावांतर योजना का लाभ
सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने सरसों किसानों के लिए भावांतर योजना लागू करने का ऐलान किया। अब सोयाबीन की तरह सरसों की खरीद में भी किसानों को भावांतर का लाभ मिलेगा। ग्वालियर-चंबल अंचल, मालवा और बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में सरसों प्रमुख फसल है, जहां यह योजना किसानों की आय को स्थिरता देने में अहम भूमिका निभाएगी।
फसल विविधता और रासायनिक संतुलन पर जोर
मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि वे कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से बचें और फसल विविधता को अपनाएं। उन्होंने ग्रीष्मकालीन मूंग की बजाय उड़द और मूंगफली जैसी फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने की सलाह दी, जिससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और किसानों को बेहतर लाभ मिल सके।
श्रीअन्न, सोलर पंप और बीज जांच पर सरकार का फोकस
किसानों के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कई अहम घोषणाएं कीं। डिंडौरी में राज्य श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जाएगी। अगले तीन वर्षों में 30 लाख किसानों को सोलर पावर पंप उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही प्रदेशभर में बीज परीक्षण प्रयोगशालाएं खोलने की भी घोषणा की गई।
MSP को लेकर सरकार की स्पष्ट प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो टूक कहा कि बीजेपी सरकार ने गेहूं का MSP 2700 रुपये करने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही MSP को 2600 रुपये तक पहुंचा दिया है और अब 2028 से पहले 2700 रुपये प्रति क्विंटल का लक्ष्य हर हाल में पूरा किया जाएगा। यह घोषणा किसानों के लिए भरोसे और स्थिरता का संकेत मानी जा रही है।
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