मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 23 साल के अनमोल जैन ने जाते-जाते कई लोगों की ज़िंदगियां रोशन कर दी। अनमोल अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसका दिल अहमदाबाद में धड़केगा और लिवर इंदौर के एक मरीज को नया जीवन देगा। ब्रेन-डेड अनमोल जैन के परिवार ने अंग दान करने का फैसला लिया है। इससे 5 लोगों को नई जिंदगी मिलेगी।
अनमोल जैन के अंगों को सुरक्षित मरीजों तक पहुंचाने के लिए सोमवार सुबह भोपाल में 3 ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए। पहला कॉरिडोर सिद्धांता हॉस्पिटल से एयरपोर्ट तक बना। इसमें हार्ट को अहमदाबाद ले जाया गया। दूसरा ग्रीन कॉरिडोर सिद्धांत अस्पताल से चिरायु अस्पताल तक बनाया जाएगा, जिसमें किडनी ले जाया जाएगा। तीसरा कॉरिडोर लीवर के लिए बना जिसे सिद्धांत अस्पताल से इंदौर ले जाया गया।
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मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पहली बार आज एक साथ तीन ग्रीन कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। ब्रेन डेड मरीज के अंगों के समय अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। भोपाल से अहमदाबाद, इंदौर अंग भेजे गए। भोपाल के निवासी अनमोल जैन 23 साल के थे। 17 नवंबर को एक सड़क दुर्घटना में वो चोटिल हुए थे। जिसके बाद डॉक्टर्स ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया। इसके बाद ही अनमोल के परिजनों ने अंग दान का फैसला लिया। परिजनों ने तय किया कि अनमोल के द्वारा कुछ जिंदगियों को नया जीवन दिया जाए। अनमोल के हार्ट को अहमदाबाद, लीवर को इंदौर, एक किडनी को चिरायु अस्पताल भेजा जाएगा। वहीं कॉर्निया एम्स भेजा जाएगा।
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