प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी किए जाने को लेकर प्रदेश की न्यायधानी में जाकर भारतीय जनता महिला मोर्चा की महिलाएं अब न्याय मांगेगी। भारतीय जनता महिला मोर्चा द्वारा आगामी 3 अक्टूबर को महतारी हुंकार रैली का आयोजन किया गया है साथ ही कुल 1 लाख महिलाओं को इस रैली से जोड़ने का लक्ष्य भी तय किया गया है। महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में यह तय किया गया है की सरकार द्वारा घोषणा पत्र में किया गया पूर्ण शराबबंदी के वादे को लेकर न्यायधानी में न्याय की मांग की जाएगी।
बिलासपुर में बड़ा आंदोलन करने जा रही है
आगामी तीन नवंबर को भारतीय जनता महिला मोर्चा राज्य सरकार द्वारा घोषणा पत्र में पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर बिलासपुर में बड़ा आंदोलन करने जा रही है। इसके अलावा 28 अक्टूबर को स्कूटी रैली भी बीजेपी महिला मोर्चा द्वारा निकाला जाएगा। भाजपा के इस आंदोलन पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है। अच्छी बात है उनका स्वागत है लेकिन इससे पहले रमन सिंह से पूछना चाहिए कि 15 साल में आप भी आखिर क्यों नहीं की गई?
स्मृति ईरानी और हेमा मालिनी को भी बुलाए ताकि वह भी धरने में भाग ले
मुख्यमंत्री का कहना है कि, प्रदेश महिला मोर्चा, महंगाई रसोई गैस, पेट्रोल डीजल, इसके बारे में भी बात कर ले। स्मृति ईरानी और हेमा मालिनी को भी बुलाए ताकि वह भी धरने में भाग ले। प्रदेश की महिलाएं उनसे पूछे कि, महंगाई आखिरकार इतनी क्यों बढ़ रही है। आंदोलन करना है तो उत्तरांचल चले जाए जहां अंकिता के साथ अन्याय हुआ है। परिवार न्याय के लिए लड़ रहा है। इन्हें उन सब के बारे में बोलना चाहिए।
सार्वजनिक रूप से प्रायश्चित करना चाहिए
मुख्यमंत्री के बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने भी पलटवार करते हुए कहा कि, बमलेश्वरी मां के मंदिर में गंगाजल हाथ में लेकर कसम हमने शराबबंदी कि नहीं खाई थी। यह घोषणा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टी एस सिंह देव का था जो इनके जन घोषणापत्र में है। डॉ रमन सिंह ने कहा जो वादा इन्होंने किया है। अब इससे मुकर रहे हैं इसलिए गंगाजल ले जाकर लोगों के सामने सार्वजनिक रूप से प्रायश्चित करना चाहिए कि, हमने झूठा वादा किया था और इसका निराकरण हम नहीं कर सकते।
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आखिरकार जनता राहत पाती है क्या ?
एक बार फिर से पूर्ण शराबबंदी की मांग। वही प्रदर्शन वही आंदोलन और पार्टियों का एक दूसरे पर उसी तरह आरोप लगाने की प्रक्रिया देखने को मिल रही है लेकिन फिलहाल इन सबके बाद जनता से जुड़े इस मुद्दे में आखिरकार जनता राहत पाती है क्या ? यह अभी भी केवल और केवल सवाल की है। देखने वाली बात होगी की आखिरकार भारतीय जनता महिला मोर्चा का यह प्रदर्शन पूर्ण शराबबंदी में कितना कारगर साबित होता है ?
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