कांग्रेस कार्यकाल में किसान आत्महत्या में आई कमी
दरअसल कमलनाथ ने अपने सोशल मीडिया प्लेट फार्म एक्स पर ट्वीट कर कहा कि 'केन्द्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक साल 2022 में देश में 11,290 किसानों ने आत्महत्या की है। वहीं साल 2021 में 10281 किसानों ने अपनी जान दी थी। साल 2021 की तुलना में साल 2022 में किसान आत्महत्या में 3.7% की वृद्धि हुई है। एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक देश में प्रतिदिन 154 किसान आत्महत्या करते हैं।'केन्द्र सरकार के आँकड़ों के मुताबिक़ वर्ष 2022 में देश में 11290 किसानों ने आत्महत्या की है। वहीं वर्ष 2021 में 10281 किसानों ने अपनी जान दी थी। वर्ष 2021 की तुलना में वर्ष 2022 में किसान आत्महत्या में 3.7% की वृद्धि हुई है।
— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) January 28, 2024
एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक़ देश में प्रतिदिन 154…
कमलनाथ ने बीजेपी पर कसा तंज
उन्होंने आगे लिखा कि 'हमारी अल्पकालिक सरकार ने मध्य प्रदेश के 27 लाख किसानों का कर्जा माफ कर किसान आत्महत्या में अंकुश लगाने में सफलता पाई थी, लेकिन बाद की सरकारों ने कर्जमाफी योजना को बंद कर किसानों का जीवन फिर संकट में डाल दिया। मैं हमेशा कहता हूं कि हमारे देश की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। जब किसानों की जेब में पैसा होता है, तब ही हाट-बाजारों में रौनक होती है, क्रयशक्ति बढ़ती है। आज जरूरत है कि हम किसानों को सिर्फ वोट का जरिया नहीं समझकर उनके जीवन स्तर में सुधार के लिये कारगर कदम उठायें और देश को खुशहाल किसान, खुशहाल खलिहान की तरफ ले जायें।'Read More: उज्जैन को हवाई मार्ग से जोड़ने का प्रयास हुआ तेज, दताना-मताना हवाई पट्टी का होगा विस्तार
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