आरिफ अकील ने अस्पाल में ही अंतिम सांस ली
दरअसल, रविवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आरिफ अकील की तबीयत अचानक खराब हुई थी। जिसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी और डॉक्टर की निगरानी में उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। जिसके बाद आज सुबह ही उन्होंने अस्पाल में ही अंतिम सांस ली। करीबियों और पारिवारिक सूत्रों ने अकील के इंतकाल की आधिकारिक पुष्टि कर दी है।पारिवारिक सूत्रों ने अकील के इंतकाल की पुष्टि
मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व मंत्री आरिफ अकील की पिछले साल हार्ट सर्जरी हुई थी। 72 साल के वरिष्ठ नेता की तबियत रविवार को अचानक खराब हो गई तो उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही थी। परिजनों ने इस बात की तस्दीक करते हुए उनके लिए दुआ करने को कहा।आरिफ ने की 40 साल तक सियासत
राजधानी भोपाल की उत्तर विधानसभा से लगातार 40 साल तक सियासत करने वाले आरिफ अकील कांग्रेस शासनकाल में दो बार मंत्री भी रहे हैं। एक अलग अंदाज की राजनीति करने वाले अकील ने अल्पसंख्यक कल्याण, जेल, खाद्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों का जिम्मा संभाला। उत्तर विधानसभा पर एकक्षत्र साम्राज्य स्थापित करने वाले अकील ने सियासत के शुरुआती दौर में जनता दल से भी चुनाव लड़ा।जिनके लिए रहे मशहूर
1. उत्तर विधानसभा क्षेत्र में पानी प्याऊ का निर्माण। अपनी विधायक निधि से किए जाने वाले इस निर्माण को उन्होंने क्षेत्र के उलेमा, बुद्धिजीवी, प्रसिद्ध लोगों, शायर, खिलाड़ियों के नाम समर्पित किया
2. हर माह अकील के कार्यालय में होने वाली नशिस्त में शहर, प्रदेश, देश के कई बड़े शायर और कवि अपनी मौजूदगी दर्ज करवा चुके हैं। इस दौरान हर कार्यक्रम में किसी एक व्यक्ति को सम्मानित किया जाता है।
3. पिछले तीन दशक से स्वतंत्रता दिवस पर निकलने वाली पैगाम ए मुहब्बत रैली देशभर में इकलौती है।
4. एक मई को मजदूर दिवस पर आयोजित पुराने गीतों से सजने वाली शाम भी देशभर में इकलौती कही जा सकती है।
5. सालाना किरात कंपीटिशन भी देशभर में मशहूर है। इसमें विदेशों से आए उलेमा भी शामिल होते रहे हैं।
6. रमजान माह में आयोजित किया जाने वाला इफ्तार कार्यक्रम भी बहुत वृहद स्तर पर आयोजित किया जाता है।
7. हर साल स्पोर्ट्स के कार्यक्रम भी अकील द्वारा आयोजित किए जाते हैं।
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