RAIPUR : राजधानी रायपुर और बिलासपुर से चलने वाली अधिक्तर ट्रेनों के एसी कोच में यात्रियों को बेडरोल की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। वहीं रनिंग स्टाप बेडरोल देने से साफ मना कर रहे हैं। प्रदेश के कई इलाकों में रात में अच्छी ठंड पड़ रही है। इन क्षेत्रों में तापमान आठ डिग्री से नीचे तक चला गया है। ठंड में यात्री को बिना बेडरोल के काफी परेशानी हो रही है। यात्री बिना बेडरोल के कंपकंपाने को मजबूर हैं। इसके बावजूद भी रेलवे इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है और अपनी जिम्मेदारी से मुंह फेर रहा है। वहीं अधिकारियों पर भी इसका कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
बता दें कि कोच में सफर करने वाले अधिकांश यात्री ज्यादा लगेज होने और ठंड से बचने के लिए अपने साथ कंबल तक लेकर नहीं चलते हैं। यात्रियों पूरी उम्मीद होती है कि एसी कोच में सफर कर रहे हैं तो बेडरोल मिलेगा। वहीं यात्री, जब ट्रेन में सवार होते हैं तो उन्हें जानकारी मिलती है कि बेडरोल उपलब्ध ही नहीं है। यात्री जब कोच में अटेंडेंट स्टाफ को खोजते हैं तो वो भी नहीं मिलते।
ठंड के मौसम में एक्सप्रेस ट्रेनों के एसी कोच में बेडरोल न मिलने से यात्रियों की परेशानी बढ़ जाती है। वहीं अधिकारी यह दावा कर रहे हैं कि बीच में कुछ ट्रेनों में बेडरोल न देने की शिकायत आई थी। इसके बाद उन सभी ट्रेनों में बेड रोल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। अगर फिर से ऐसा हो रहा है तो इसे दिखवाकर बेडरोल दिलाने की व्यवस्था की जाएगी।
इन ट्रेनों में नहीं मिल रही सुविधा
बेडरोल छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, बिलासपुर-रीवा एक्सप्रेस, शिवनाथ एक्सप्रेस, बिलासपुर-भगत की कोठी एक्सप्रेस, नर्मदा एक्सप्रेस, बिलासपुर-बीकानेर एक्सप्रेस, इतवारी एक्सप्रेस, पटना एक्सप्रेस, पुणे एक्सप्रेस, इंटरसिटी एक्सप्रेस, शिकंदराबाद एक्सप्रेस, जम्मूतवी एक्सप्रेस आदि।
एक्सप्रेस ट्रेनों के एसी कोच में यात्रियों को बेडरोल न देने की शिकायत के बाद निर्देश दिए गए हैं। फिर भी अगर शिकायत आ रही है तो आवश्यक सुविधाएं देने फिर से कहा जाएगा। READ MORE- Bhupesh Baghel का बयान,कहा- राजभवन के अधिकारी BJP की कठपुतली
कोरोना के चलते बंद हुई थी सेवा
रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि दो साल पहले कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ने पर प्रबंधन ने कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा देखते हुए एक्सप्रेस ट्रेनों में ऐहतियात के तौर पर बेडरोल बंद कराया था। जैसे-जैसे कोरोना संक्रमण कम होता गया,वैसे-वैसे व्यवस्था में परिवर्तन किया गया। मार्च-2022 से यह सेवा फिर शुरू कर दी गई है। वहीं बहुत सारे ट्रेनों में यह सुविधा अभी भी नहीं मिल रही है।
परदे तक हटाए गए
कोरोनाकाल के दौरान संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए भारतीय रेल ने ट्रेन के एसी डिब्बों से न सिर्फ परदे हटा दिए गए थे। साथ ही बेडरोल की सुविधा को भी बंद कर दिया गया था। हालांक परदे हटाने के विरोध होने के बाद रेलवे ने परदा लगाने की सेवा शुरू कर दी थी। दो साल विरोध के बाद मार्च में फिर से बेडरोल देने की सुविधा शुरू की गई थी। अब फिर से बेडरोल न मिलने के कारण ठंड में यात्री ठिठुरते हुए सफर करने को विवश हैं।
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