लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा का मास्टर प्लान तैयार है। हारे हुए 11 हजार बूथों पर फोकस करेगी भाजपा। विधानसभा चुनाव में हारी हुई सीटों के हर बूथ पर 51 प्रतिशत वोट शेयर प्राप्त करने का लक्ष्य। लोकसभा चुनाव में वोट शेयर 68 फीसदी तक बढ़ाना उद्देश्य। 29 संसदीय सीटों को सात अलग-अलग क्लस्टर में बांटा जाएगा। क्लस्टर में केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी जैसे नेता आकर संभालेंगे मोर्चा ।
एक क्लस्टर में पांच सीटें रखी गई
मालवांचल के एक क्लस्टर में पांच सीटें रखी गई। हर लोकसभा क्षेत्र के लिए एक मंत्री और एक संगठन का प्रभारी किया जाएगा नियुक्त। यह भी निर्णय लिया गया कि सभी मोर्चा प्रकोष्ठ अपने अपने वर्ग में जाकर नीचे तक लोगों से संवाद स्थापित करेंगे। भारतीय जनता युवा मोर्चा को चुनाव पूर्व 10 हजार नुक्कड़ सभाएं करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। पार्टी नेताओं ने कहा कि हमें किसी भी तरह की गलतफहमी न पालकर खुद को लोकसभा चुनाव में झोंक देना है। चुनाव प्रचार पूरी तरह सादगी भरा होगा, ताम-झाम के बजाए लोगों से संपर्क और संवाद को प्राथमिकता दी जाएगी।
10 लोकसभा सीटों पर भाजपा को पराजय मिली
विधानसभा चुनाव 2023 के चुनाव परिणामों की समीक्षा की गई और जिन 10 लोकसभा सीटों पर भाजपा को पराजय मिली, उन सीटों के हर बूथ पर वोट शेयर 51 प्रतिशत पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया।ऐसी सीट हैं, जहां भाजपा को विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से कम वोट मिले हैं। इनमें छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में आने वाली सभी सातों विधानसभा सीटें कांग्रेस ने जीती हैं। इसी तरह मुरैना की पांच, भिंड की चार, ग्वालियर की चार, टीकमगढ़ की तीन, मंडला की पांच, बालाघाट की चार, रतलाम की चार, धार की पांच और खरगोन लोकसभा क्षेत्र की आठ विधानसभा सीटों में से पांच पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है।
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