राजधानी भोपाल में पिछले कुछ दिनों से शिकायतें आ रही थी कि, भोपाल के कई हिस्सों में स्ट्रीट लाइट बंद हो रही है। जिसके कारण लोगों को काफी दिक्कतें आ रही हैं। मामले की जानकारी जैसे ही नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेन्द्र सिंह को हुई तो उन्होने अपने निवास पर कलेक्टर,निगम कमिश्नर और विद्युत विभाग की संयुक्त बैठक बुलाई।
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इस बैठक में मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बिजली बंद होने के कारण पूछे। मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने 12 दिन से बंद स्ट्रीट लाइटों को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि, किसी भी सूरत में बिजली बंद न हो उसकी जिम्मेदारी कलेक्टर को दी गई है। मामले की जानकारी देते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि, अब बिजली से संबंधित कोई भी शिकायत आती है तो उसका निराकरण कलेक्टर करवाएंगे।
आपको बता दें कि, राजधानी भोपाल के 40 से ज्यादा इलाकों की स्ट्रीट लाइटें पिछले 12 दिनों से बंद हैं। स्ट्रीट लाइटें बंद होने के कारण रात में सड़कों पर अंधेरा पसरा हुआ है। बता दें कि नगर निगम ने दो महीने से बिजली कंपनी को स्ट्रीट लाइट का बिल नहीं भरा है। दो महीने का बिल 28 करोड़ रुपए होता है, लेकिन निगम ने दो करोड़ रुपए ही जमा कराए हैं। इसके चलते ही कंपनी ने 29 अक्टूबर से स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन काटने शुरू किए थे। अभी 25% से ज्यादा एरिया में लाइट बंद हैं। इनमें कई प्रमुख सड़कें भी शामिल हैं, जिनके ऊपर से हर रोज लाखों लोग गुजरते हैं। इस मुद्दे पर प्रभारी भूपेन्द्र मंत्री भूपेन्द्र सिंह को सामने आना पड़ा। उन्होंने दोनों विभागों के अफसरों को तलब किया था। मीटिंग आधा घंटा चली।
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