एमपी में कर्नाटक से लाए गए 4 हाथी सतपुड़ा टाइगर रिजर्व पहुंच गए हैं। ये हाथी 4 बड़े ट्रकों में कड़ी सुरक्षा के बीच शुक्रवार की सुबह पचमढ़ी के आंजनढाना कैंप पहुंचे। मौके पर अधिकारियों की टीम मौजूद है। कर्नाटक के बंदीपुर टाइगर रिजर्व रामपुर हाथी कैंप से 4 हाथियों को लेकर एसटीआर की टीम 29 नवंबर को दोपहर 2 बजे रवाना हुई थी। 62 घंटे में टीम ने करीब 1600 किमी का लंबा सफर तय किया है और शुक्रवार को मध्यप्रदेश पहुंचे।
बता दें कि इनमें 2 नर हाथी और 2 मादा हाथी हैं। एमपी आए इन हाथियों का नाम गजा, पूजा, मरीशा और कृष्णा है। इन हाथियों को 4 बड़े ट्रकों में रस्सी और जंजीर से बांधकर कड़ी सुरक्षा के बीच लाया गया है। आगे के चरणों में बाकी के हाथी भी पेंच टाइगर रिजर्व, कान्हा टाइगर रिजर्व लाए जाएंगे।
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में वर्तमान में 6 हाथी है। सबसे छोटा हाथी विक्रम है। सबसे बुजुर्ग हथिनी अजुंगम है। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में 4 हाथी एक ही परिवार के सदस्य है। प्रिया और सिद्घनाथ का बेटा विक्रम और बेटी लक्ष्मी है। लक्ष्मी और सिद्धनाथ कूनो में अफ्रीकन चीतों की निगरानी में गए हैं। कर्नाटक के बंदीपुर से आए हाथियों को पहले मटकुली के जंगल में बने अजनाढ़ाना कैंप में रखा जाएगा। यहां करीब 1 महीने तक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के डॉक्टरों की निगरानी में रहेंगे। डॉक्टर उनके व्यवहार पर बारीकी से नजर रखेंगे।
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने 17 सितंबर को नामीबिया से भारत लाए गए 8 चीतों को मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा था। प्रदेश में 8 चीतों के बाद पहली बार अभ्यारण्य में जानवर लाए जा रहे हैं।
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