मध्यप्रदेश में कोरोना का कहर कम होते ही बच्चों में अब टोमैटो फ्लू कहर बरपा रहा हैं। टोमैटो फ्लू 10 साल से कम उम्र के बच्चों को अपनी चपेट में ले रहा हैं। अगर इस फ्लू से समय रहते निजात नहीं पाया गया तो यह गंभीर रुप ले सकता हैं। उज्जैन संभाग के अधिकतर जिलों में टोमैटो फ्लू ने छोटे बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि राठौर के मुताबिक टोमैटो फ्लू की वजह से बच्चों में बुखार, लार निकलना, शरीर पर लाल धब्बे हो जाना आदि लक्षण प्रमुख रुप से देखने को मिल रहे हैं।
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10 दिनों में होता है ठीक
इस फ्लू का असर लगभग 10 दिनों तक रहता हैं। ऐसी स्थिति में अभिभावकों को छोटे बच्चों के प्रति काफी सतर्क रहने की जरूरत है। बच्चों में टोमैटो फ्लू की वजह से खानपान में कमी आना, कमजोरी लगना प्रमुख रूप से ये असर देखने को मिलते है। डॉ. राठौर के मुताबिक यदि बच्चों में टोमैटो फ्लू के लक्षण देखे जाते हैं तो सबसे पहले अभिभावकों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्हें शिशु रोग विशेषज्ञ की मदद लेकर ठीक ढंग से उपचार करने की आवश्यकता है। ऐसी स्थिति में 10 दिनों के भीतर बच्चा पूरी तरह ठीक होकर पुनः सामान्य हो जाएगा।
हर 10 घंटे में क्षमता अनुसार बुखार की दवा
डॉक्टर के मुताबिक वैसे तो टोमैटो फ्लू होने पर लक्षण के अनुसार दवाएं दी जाती हैं, मगर सामान्यतः बुखार आने पर हर 10 घंटे में एक बार बुखार उतारने के लिए पैरासिटामॉल बच्चों की क्षमता के अनुसार दी जाती है। इसके अतिरिक्त एंटीबॉयोटिक और अन्य दवाओं के माध्यम से टोमैटो वायरस को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।
एक- दूसरे के संपर्क में आने से फैलता है फ्लू
टोमैटो फ्लू एक दूसरे के संपर्क में आने से तेजी से फैलता है। डॉ. रवि राठौर के मुताबिक यदि बच्चों में टोमैटो फ्लू के लक्षण पाए जाए तो उन्हें दूसरे बच्चों से अलग रखना चाहिए ताकि दूसरे बच्चों में फ्लू न फैले। इसके अलावा स्कूल भेजने की गलती भी अभिभावकों को नहीं करना चाहिए। टोमैटो फ्लू 2 से 3 दिनों में एक बच्चे से दूसरे बच्चे में फैल कर अपना असर दिखाने लग जाता है। उन्होंने बताया कि बुखार से पीड़ित 100 बच्चों में से 5 में टोमैटो फ्लू के लक्षण देखे जा रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि फ्लू कितनी तेजी से फैल रहा है।
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