अगस्त में बेरुखी के बाद मानसून फिर सितंबर में इंदौर पर मेहरबान होगा। इस माह बंगाल की खाड़ी में बनने वाले दो सिस्टम के कारण वर्षा की गतिविधियां 5 सितंबर से पुन: शुरू होंगी। इंदौर संभाग में 15 दिनों में दो बार भारी बारिश की स्थितियां भी निर्मित होंगी।
गौरतलब है कि अगस्त में औसत वर्षा (299 मिमी) से 79 प्रतिशत कम 62 मिलीमीटर वर्षा ही हुई है, जबकि इंदौर में जुलाई में औसत से 45 प्रतिशत अधिक वर्षा होने से अगस्त में कम हुई वर्षा की भरपाई हो गई है। तीन सितंबर तक इंदौर जिले में मानसून सीजन की औसत वर्षा 732 मिमी होती है और अब तक 734 मिमी वर्षा हो चुकी है।
इंदौर में सितंबर में औसत (182 मिमी) से अधिक वर्षा होने की संभावना है। वर्तमान में बंगाल की खाड़ी के उत्तरी पश्चिमी हिस्से में चक्रवाती हवा को घेरा बना हुआ है, जो पांच सितंबर से निम्न दाब क्षेत्र में तब्दील होगा, वहीं 12 सितंबर को भी बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती हवाओं का घेरा बनेगा। इससे इंदौर जिले में अच्छी वर्षा होने की उम्मीद है।
अगस्त में बेरुखी के बाद मानसून फिर सितंबर में इंदौर पर मेहरबान होगा। इस माह बंगाल की खाड़ी में बनने वाले दो सिस्टम के कारण वर्षा की गतिविधियां 5 सितंबर से पुन: शुरू होंगी। इंदौर संभाग में 15 दिनों में दो बार भारी बारिश की स्थितियां भी निर्मित होंगी।
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