छत्तीसगढ़ लगातार नित नए आयामों को छू रहा है। छत्तीसगढ़ का कबीरधाम देश का पहला जिला बन गया है जहां मोतियाबिंद के कारण दृष्टिहीन हो चुके चिन्हांकित सभी लोगों के आंखों की रोशनी लौटाई जा चुकी है। सितम्बर-2021 में दोनों आंखों में मोतियाबिंद के कारण दृष्टिहीन 1128 और 1 आंख में मोतियाबिंद दृष्टिहीनता वाले 2124 व्यक्ति चिन्हांकित किए गए थे। स्वास्थ्य विभाग ने अगस्त महीने में इन सारे लोगों के सफल ऑपरेशन का लक्ष्य हासिल किया है। वीडियो कॉन्फ्रेंस के द्वारा हुई “राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान” की समीक्षा बैठक में भारत सरकार के अधिकारियों ने इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ की पीठ थपथपाई है।
राज्य में पहुंची केंद्र सरकार की 14 सदस्यी कॉमन रिव्यु मिशन की टीम ने प्रदेश में चल रही योजनाओं की सराहना की है। टीम ने 5 दिनों तक कोंडागांव और सूरजपुर के अस्पतालों का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने मुख्यमंत्री हाट-बाजार योजना, एनीमिया मुक्त कार्यक्रम, मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान और हमर लैब योजना की सराहना की। इसके साथ ही मानसिक स्वास्थ्य व फिजियोथेरेपी सेवाओं तथा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स को भी सराहा।
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आगे की तैयारियां -
- चालू वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित कुल ऑपरेशन के लक्ष्य का 48 प्रतिशत अक्टूबर माह हासिल किया जा चुका है।
- रायपुर, बलौदाबाजार और बालोद को नवंबर कर दृष्टिहीनता मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य दिया गया है।
- रायगढ़, दंतेवाड़ा और सूरजपुर को दिसंबर तक मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
- साल 2025 तक छत्तीसगढ़ को मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त राज्य बनाया जाएगा।
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