नगर निगम के वार्डों का गुरुवार को आरक्षण होने जा रहा है। इस दौरान जनप्रतिनिधियों के साथ आम जनता भी मौके पर मौजूद रहेगी।
इस बार आरक्षण का फायदा ओबीसी वर्ग को मिलने वाला है। पिछले चुनाव में जहां ओबीसी की 18 सीटें थी, वहीं इस बार 23 सीटें मिल सकती हैं। इसका कारण यह है कि आरक्षण 2011 की जनगणना के अनुसार किया जाएगा।
इसके मुताबिक, नगर निगम क्षेत्र में अनुसूचित जाति वर्ग की जनसंख्या जहां 12.81 प्रतिशत है, वहीं अनुसूचित जनजाति वर्ग की जनसंख्या 4.29 प्रतिशत है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या 50 प्रतिशत कम होने की वजह से इसका फायदा ओबीसी वर्ग को मिलेगा। इनकी पांच सीटें बढ़ने की संभावना है।
सामान्य वर्ग को उठाना पड़ेगा नुकसान
इसका खामियाजा अनारक्षित वर्ग को उठाना पड़ेगा। इस चुनाव में अनारक्षित वर्ग की 35 सीटें होने की संभावना है। वहीं, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की पिछले चुनाव की तहत नौ और तीन सीटें रहने वाली हैं।
एक तिहाई वार्डों में महिलाओं का होगा कब्जा
नगर निगम चुनाव में एक तिहाई वार्डों में महिलाओं का कब्जा रहने वाला है। परिसीमन के चलते इस बार महिला पार्षदों की संख्या 23 रहने वाली है। क्योंकि ओबीसी वर्ग को मिले फायदे का असर महिला आरक्षण में भी पड़ेगा।
अनुसूचित जाति वर्ग में जहां पिछली बार की तरह तीन वार्ड महिला आरक्षित होंगे, वहीं अनुसूचित जनजाति वर्ग में एक महिला आरक्षित वार्ड होगा। ओबीसी के वार्डों की संख्या बढ़ने से महिला आरक्षित वार्ड आठ होने वाले हैं। अनारक्षित वर्ग के लिए 11 महिला अनारक्षित वार्ड होंगे।
दुर्ग सहित सात निकायों के वार्डों का आरक्षण भी
नगर पालिक निगम दुर्ग के वार्डों का आरक्षण दोपहर चार से साढ़े चार बजे तक किया जाएगा। नगर पालिका परिषद कुम्हारी के वार्डों का आरक्षण दोपहर साढ़े चार से 4.45 बजे तक, नगर पालिका परिषद अमलेश्वर के वार्डों का आरक्षण 4.45 बजे से पांच बजे तक, नगर पालिका परिषद अहिवारा का पांच बजे से 5.15 बजे तक निर्धारित है।
इसी प्रकार नगर पंचायत पाटन के वार्डों का आरक्षण शाम 5.15 बजे से साढ़े पांच बजे तक, नगर पंचायत उतई के वार्डों का शाम साढ़े पांच से 5.45 बजे तक व नगर पंचायत धमधा के वार्डों का आरक्षण शाम 5.45 से छह बजे तक का समय निर्धारित है। नगरीय निकायों के वार्ड आरक्षण के दौरान आम नागरिक भी उपस्थित रह सकते हैं।
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