MP Weather: पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं के चलते मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। कुछ दिन की राहत के बाद प्रदेश के कई जिलों में शीतलहर जैसे हालात बन गए हैं। वहीं आने वाले दिनों के लिए भी शीतलहर की आशंका जताई जा रही है। मौसम वभाग के मुताबिक, नए साल में पारा तेजी से गिर सकता है और 31 दिसंबर के जश्न में लोगों को कपकपाने वाली ठंड की मार जेलनी पड़ सकती है।
कई जिलों में शीतलहर के आसार बने हुए हैं। आने वाले दिनों में ग्वालियर, छतरपुर और दतिया में शीतलहर की संभावना जताई गई है। बीते रोज ग्वालियर और नौगांव का तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं प्रदेश के ज्यादातर दिलों में पारा न्यूनतम 11 डिग्री औसत बना हुआ है। अगर इसी तरह से ठंडक घुली रहेगी तो पारे में और भी अधिक गिरावट देखने को मिल सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य प्रदेश में 27 दिसंबर से तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। इसके बाद 31 दिसंबर से कड़ाके की ठंड अपने चरम पर आएगी, और इसका असर अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा। मौसम मे ये बदलाव 26 दिसंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में प्रवेश के कारण हो रहा है। वहीं अफगानिस्तान में बना एक पश्चिमी विक्षोभ गुरुवार 29 दिसंबर को उत्तर भारत में पहुंचेगा। उससे उत्तरी इलाकों में बर्फवारी होगी, जिस कारण अगले एक 2 दिन में मध्य भारत में कड़ाके की ठंड होगी।
शीतलहर क्या है
शीतलहर में न्यूनतम तापमान कम से कम 10 डिग्री या सामान्य से 5 डिग्री तक नीचे जाता है। रात का पारा सामान्य 14 डिग्री होता है अगर ये घटकर 9 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है, तो इसे शीतलहर माना जाएगा। इसके अलावा सामान्य से 7 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान होना अति शीतलहर कहलाता है।
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