मध्य प्रदेश में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां बीजेपी और कांग्रेस की तरफ से तेज हो गई हैं, लेकिन जय आदिवासी युवा संगठन ''जयस'' ने कांग्रेस और बीजेपी की परेशानियों को बढ़ा दी हैं। नर्मदापुरम जिले की सिवनी मालवा पहुंचे डॉ हीरालाल अलावा ने स्थानीय रेस्ट हाउस में जयस कार्यकर्ताओं सहित कांग्रेस नेताओ से मुलाकात की उन्होंने कहा की प्रदेश के मुखिया सिर्फ भाषणों में ही आदिवासियों के विकास की बात करते है, पर जमीनी हकीकत कुछ और है।
उन्होंने बताया की कुक्षी में ''जयस'' महापंचायत का आयोजन करने जा रहा है, इस महापंचायत में देशभर के कई हिस्सों से लोग जुटेंगे। चुनावी समर से पहले जयस 2023 के लिए तैयारी में जुट गया है, दरअसल, जयस ने प्रदेश की सभी अदिवासी बहुल सीटों पर अपने उम्मीदवार भी उतारने की बात कही है।
आयोजन की जिम्मेदारियां संभाल रहे
जयस के संरक्षक और विधायक हीरालाल अलावा खुद आयोजन की जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। महापंचायत को लेकर हीरालाल अलावा ने कई सभी तहसीलों में पहुंचकर संपर्क कर रहे है और युवाओं को महापंचायत में आने के लिए आमंत्रण भी दे रहे है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में जयस युवाओं को मौका देगी। इसके लिए महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें देश एवं प्रदेश स्तरीय 10 मुद्दों पर चर्चा की जाएगी, जिसमें सबसे प्रमुख मुद्दा बेरोजगारी का होगा। हीरालाल अलावा ने कहा कि इस आयोजन में देश के कई राज्यों से लोग जुटेंगे।
80 सीटों पर जयस का दावा
महापंचायत से कुछ दिन पहले जयस संरक्षक हीरालाल अलावा ने बड़ा ऐलान किया है, उन्होंने प्रदेश की 80 चुनिंदा सीटों पर जयस के झंडे तले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, अगर ऐसा होता है तो इससे सबसे ज्यादा नुकसान कांग्रेस को हो सकता है। क्योंकि प्रदेश की सियासत में आदिवासी वोटबैंक सत्ता की चाबी माना जाता है, राज्य की कुल जनसंख्या का 22 फीसदी आदिवासी वर्ग से आता है।
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मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों में से 47 सीटें आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। जबकि 80 से ज्यादा सीटों पर आदिवासी मतदाता हार-जीत के समीकरण तय करते हैं, यही वजह है कि एमपी में सत्ता पाने के लिए आदिवासी वर्ग को साधना हर पार्टी के लिए जरूरी होता है, एक तरफ जहां पिछले कुछ समय से कांग्रेस और बीजेपी आदिवासी वर्ग को साधने की पूरी तैयारियों में जुटा है, तो वहीं दूसरी तरफ प्रदेश में जयस की लोकप्रियता भी तेजी से बढ़ती जा रही है।
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