राजगढ़ में सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मऊगंज के गड़रा गांव में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले एएसआई रामचरण गौतम को शहीद का दर्जा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनके आश्रितों को एक करोड़ रुपए की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। आगे सीएम ने कहा कि शहीद गौतम के पात्र उत्तराधिकारी को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
मऊगंज की घटना पर सीएम सख्त
सीएम डॉ. मोहन यादव ने इस घटना पर दुख जताया और हमलावरों पर सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने एक्स हैंडल पर लिखा- मऊगंज जिले में शाहपुर थाना क्षेत्र के गड़रा गांव में दो गुटों के आपसी विवाद की सूचना पर पहुंचे तहसीलदार, थाना प्रभारी सहित पुलिस की टीम पर हुए दुर्भाग्यपूर्ण हमले में हमारी पुलिस के एक एएसआई रामचरण गौतम की जवाबी कार्रवाई में दुःखद मृत्यु हुई है। मेरी गहरी शोक संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ है। घटना में अन्य घायल पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए रीवा चिकित्सालय भेजा गया है।
मुख्यमंत्री ने कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश
घटना के तुरंत बाद क्षेत्र में धारा 163 लागू कर डीआईजी रीवा, एसपी मऊगंज सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। एडीजी रीवा जोन मौके पर पहुंच रहे हैं, साथ ही मैंने डीजी पुलिस को मौके पर पहुंचकर पर्यवेक्षण के लिए निर्देशित किया है। इस तरह की अमानवीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण घटना के सभी आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
रीवा में घायल पुलिसकर्मियों से मुलाकात करने पहुंचे डीजीपी
मध्यप्रदेश के DGP कैलाश मकवाना रविवार को रीवा पहुंचे। जहां उन्होंने रीवा के संजय गांधी अस्पताल पहुंचकर घायल पुलिसकर्मियों का हाल जाना। डीजीपी ने घायलों के साथ के उनके परिजनों से भी मुलाकात की। इसदौरान आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही।
क्या है पूरा मामला?
मऊगंज जिले के शाहपुर इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब युवक की मौत को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया. इस दौरान पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया. इस हमले में ASI रामचरण गौतम की मौत हो गई, जबकि थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए. हालात इतने बिगड़ गए कि आरोपियों ने पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया, जिसके बाद भारी पुलिस बल को मौके पर तैनात करना पड़ा. जानकारी के अनुसार, गड़रा गांव जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर है. वहां कोल जनजाति के कुछ लोगों ने सनी द्विवेदी नाम के युवक को अगवा कर लिया. उनका आरोप था कि उसने दो महीने पहले एक आदिवासी युवक की हत्या की थी. हालांकि, पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अशोक कुमार की मौत एक सड़क दुर्घटना में हुई थी।
शनिवार को जब पुलिस को सनी द्विवेदी के अपहरण की सूचना मिली, तो शाहपुर थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक पुलिस टीम उसे बचाने के लिए गांव पहुंची, लेकिन जब तक पुलिस वहां पहुंची, तब तक सनी द्विवेदी को कथित रूप से एक कमरे में बंधक बनाकर बुरी तरह पीटा गया था, जिससे उसकी मौत हो गई.
घटना की सूचना पर शाहपुर थाना प्रभारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. जब पुलिस ने कमरे का दरवाजा खोला तो सनी द्विवेदी मृत अवस्था में मिला. इस दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया, लेकिन जैसे ही पुलिस टीम मौके से रवाना होने लगी तो ग्रामीणों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से पुलिस पर हमला कर दिया.
इस दौरान हमले में ASI रामचरण गौतम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शाहपुर थाना प्रभारी संदीप भारतीय, तहसीलदार कुंवारे लाल पनिका, ASI बृहस्पति पटेल, SDOP रीडर अंकित शुक्ला, 25वीं बटालियन के जवाहर सिंह यादव समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया.घटना के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया.
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