उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं और सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते मध्य प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिला है। प्रदेश के पांच जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहीं मावठ के प्रभाव से कड़ाके की ठंड बढ़ गई है और लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ रहा है।गुरुवार को प्रदेश के कई इलाकों में दिन के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर, भिंड, मुरैना और दतिया में ठंड का खासा असर देखा गया। दतिया में दिन का तापमान सबसे कम 16.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि ग्वालियर में 16.5, मुरैना में 18.9 और शहडोल में 19.4 डिग्री सेल्सियस रहा।न्यूनतम तापमान की बात करें तो पंचमढ़ी में पारा 5 डिग्री तक पहुंच गया। खजुराहो और शिवपुरी में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री, जबकि रीवा और राजगढ़ में 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कोहरे से प्रभावित हुई दृश्यता
हालांकि प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान खंडवा में 30 डिग्री और मंडला में 29 डिग्री सेल्सियस रहा। कोहरे और मावठ के कारण कई शहरों में दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई। भोपाल सहित दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, नौगांव, सतना और रीवा में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। दतिया में दृश्यता 50 मीटर से भी कम रही, जबकि ग्वालियर में 500 से 1000 मीटर और खजुराहो में 50 से 200 मीटर तक रिकॉर्ड की गई।
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार, एक पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के रूप में उत्तर पाकिस्तान और आसपास के पंजाब क्षेत्र पर सक्रिय है, जो माध्य समुद्र तल से करीब 3.1 किमी की ऊंचाई पर स्थित है। इसके अलावा पंजाब और आसपास के इलाकों में 1.5 किमी की ऊंचाई पर एक और ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है।वहीं उत्तर भारत के ऊपर 12.6 किमी की ऊंचाई पर लगभग 222 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उपोष्ण पश्चिमी जेट स्ट्रीम प्रभावी है। इसके असर से प्रदेश के ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुरकलां जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।
Comments (0)