रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शून्यकाल में LPG गैस की किल्लत और महंगाई के मुद्दे पर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा कराने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने प्रदेश में लगातार हो रही गैस सिलेंडर की कमी और बढ़ती कीमतों को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि राज्य में गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है और आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए इस पर सदन में चर्चा जरूरी है।
इस पर सत्ता पक्ष की ओर से अजय चंद्राकर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि गैस सिलेंडर की कीमत और उससे जुड़ा विषय केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए इस मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा नहीं हो सकती।
वहीं विपक्ष के सदस्यों ने इस पर कड़ा विरोध जताया। विधायक उमेश पटेल ने कहा कि जब मुख्यमंत्री का बयान गैस को लेकर सदन में आ सकता है तो उस विषय पर चर्चा क्यों नहीं हो सकती।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी कहा कि भले ही यह विषय केंद्र से जुड़ा हो, लेकिन प्रदेश में गैस की कमी और महंगाई का असर यहां की जनता पर पड़ रहा है। ऐसे में व्यवस्था सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
स्थगन प्रस्ताव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और नारेबाजी शुरू हो गई। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते हंगामे के कारण सदन का माहौल गरमा गया।
लगातार हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही को पांच मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा।
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