कोलकाता | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का अलग ही रूप देखने को मिला। आमतौर पर घर पर रहकर हालात पर नजर रखने वाली ममता इस बार खुद सड़कों पर उतर आईं और बूथ-बूथ जाकर स्थिति का जायजा लिया।
उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरीं ममता बनर्जी
भवानीपुर विधानसभा सीट पर, जहां उनका सीधा मुकाबला शुभेंदु अधिकारी से है, वहां सुबह से ही उनकी सक्रियता देखने को मिली। कालीघाट स्थित आवास से निकलते ही उन्होंने साफ किया कि आज वह मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि एक उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं। चेतला से शुरुआत कर उन्होंने कई मतदान केंद्रों का दौरा किया और मतदाताओं से बातचीत की।
बूथ के अंदर पहुंचकर किया निरीक्षण
ममता बनर्जी चेतला और पद्यपुकुर रोड इलाके में कई बूथों पर पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने एक बूथ के अंदर जाकर व्यवस्था का जायजा लिया और स्थानीय कार्यकर्ताओं से बातचीत की। उन्होंने फिरहाद हकीम से मुलाकात कर क्षेत्र की स्थिति की जानकारी भी ली। उनका यह आक्रामक और जमीनी अंदाज चुनावी माहौल को और तेज करता नजर आया।
केंद्रीय बलों पर लगाए दबाव के आरोप
ममता बनर्जी ने केंद्रीय बलों और बाहरी पर्यवेक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि रात के समय कुछ नेताओं के घरों पर जाकर डर का माहौल बनाया गया। उनके मुताबिक, पार्टी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है और इससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हो रही है।
“मैं सबूत दिखा सकती हूं” – ममता बनर्जी
ममता ने दावा किया कि उनके एक युवा ब्लॉक अध्यक्ष को सुबह गिरफ्तार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सीआरपीएफ जवान बिना स्थानीय पुलिस के कुछ घरों में पहुंचे और लोगों को डराने की कोशिश की। ममता ने कहा कि उनके पास इन आरोपों के सबूत भी मौजूद हैं।
प्रतिष्ठा की लड़ाई बना भवानीपुर
दूसरी ओर शुभेंदु अधिकारी भी दिनभर सक्रिय रहे और विभिन्न बूथों का दौरा किया। उन्होंने ममता बनर्जी पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। भवानीपुर सीट अब सिर्फ एक चुनावी मुकाबला नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुकी है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रशासन की ओर से पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। ममता बनर्जी की सक्रियता ने चुनावी माहौल को और अधिक गर्मा दिया है।