उज्जैन श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल को केसर युक्त जल अर्पित कर रंगपंचमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। सुबह भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार करने से पहले उन्हें एक लोटा केसर युक्त जल अर्पित किया गया। श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी ने बताया कि मंदिर में रंगपंचमी पर्व की परंपरा का सम्यक निर्वहन किया गया। भस्म आरती में प्रतीकात्मक रूप से भगवान महाकाल को एक लोटा केसर युक्त जल अर्पित किया गया।
रंगपंचमी पर गर्भगृह, नंदी मंडपम्, गणेश मंडपम्, कार्तिकेय मंडपम् और मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का रंग-गुलाल ले जाना, उड़ाना या एक-दूसरे को लगाना पूरी तरह से प्रतिबंधित था। श्रद्धालुओं ने इस नियम का पूरी तरह से पालन किया। मंदिर प्रशासन द्वारा जांच के बाद ही श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया गया।
ऐसे किया बाबा महाकाल का श्रृंगार
श्री महाकालेश्वर मंदिर में चैत्र कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि पर सुबह 4 बजे हुई भस्म आरती में भगवान महाकाल का पंचामृत पूजन और अभिषेक कर आकर्षक श्रृंगार किया गया। बाबा महाकाल को स्नान करवाकर दूध, दही, शहद, शक्कर और घी आदि पंचामृत से अभिषेक किया गया। प्रथम घंटा बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। पंचामृत पूजन के उपरांत भगवान महाकाल का श्रृंगार किया गया।
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