छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में छह महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए। इनमें राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (SISF) का गठन, रजिस्ट्रीकरण संशोधन, श्रम कानून संशोधन, सहकारी समिति संशोधन और निजी विश्वविद्यालय स्थापना जैसे विधेयक शामिल हैं। विपक्ष ने दो बार वॉकआउट किया।
राज्य में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की तर्ज पर राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (SISF) का गठन होगा। इसके तहत 500 पुलिस जवान प्रतिनियुक्ति पर तैनात किए जाएंगे। ये जवान राज्य के औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में लगाए जाएंगे।
रजिस्ट्रीकरण संशोधन विधेयक 2025 भी पारित
रजिस्ट्रीकरण संशोधन विधेयक 2025 भी पारित किया गया। इस विधेयक से 100 साल पुराने प्रावधान बदले गए हैं। अब रजिस्ट्री को आधार और पैन से जोड़ा जा सकेगा। ऑनलाइन माध्यम से रजिस्ट्री संपादित करने की सुविधा मिलेगी। किसी त्रुटि पर आईजी निराकरण करेंगे। कुल 36 बदलाव इस विधेयक में शामिल किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ श्रम कानून संशोधन और विविध प्रावधान विधेयक 2025 में उद्योगों को सहूलियतें दी गई हैं। अब पंजीकरण न करने पर जेल की सजा के बजाय जुर्माना लगेगा। श्रमिकों को हड़ताल से छह सप्ताह पहले सूचना देनी होगी। उद्योग मंत्री ने कहा कि यह विधेयक राज्य के औद्योगिक विकास में सहायक होगा।
सहकारी समिति संशोधन विधेयक पारित
छत्तीसगढ़ सहकारी समिति संशोधन विधेयक में सचिव स्तर के अधिकारियों को सहकारी निर्वाचन आयुक्त बनने की पात्रता दी गई है। इसके अलावा, लोकतंत्र सेनानी सम्मान को अब नियम से कानून का रूप दिया गया है। इससे आपातकाल में योगदान देने वालों को सम्मान मिलेगा।
छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025 के तहत राज्य में एक और निजी विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। रुंगटा इंटरनेशनल स्किल विश्वविद्यालय राज्य का 18वां निजी विश्वविद्यालय होगा।
Comments (0)