अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका ने गुरुवार सुबह ईरान के कई ठिकानों पर एक और बड़ा हवाई हमला किया। यह अप्रैल में हुए सीजफायर के बाद लगातार दूसरा दिन है जब बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की गई है।
अमेरिका का ईरान पर लगातार दूसरे दिन हमला
ईरानी मीडिया के अनुसार केश्म द्वीप, बंदर अब्बास, मीनाब और सीरिक क्षेत्रों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हमलों के बाद कई इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
ईरान बातचीत में देरी कर रहा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान बातचीत में देरी कर रहा है, जिसके चलते अमेरिका दबाव बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने इस हमले में 49 टॉमहॉक मिसाइलें दागीं और लड़ाकू विमानों का भी उपयोग किया गया।
जवाब में ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना
इसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। हालांकि अब तक किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
होर्मुज स्ट्रेट बंद करने का दावा
इस बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को सभी जहाजों के लिए बंद करने का दावा किया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है। हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस दावे को खारिज किया है।दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बन गया है और हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।